जम्मू कश्मीर का तहरीक- ए-हुर्रियत संगठन UAPA के तहत गैर कानूनी घोषित

भारत सरकार के मुताबिक पिछले कई सालों से जम्मू कश्मीर में अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए तहरीक-ए-हुर्रियत जम्मू कश्मीर में काम कर रही थी.

Published date india.com Updated: December 31, 2023 2:24 PM IST
ये जानकारी गृह मंत्री ने दी है.
ये जानकारी गृह मंत्री ने दी है.

जम्मू कश्मीर की संस्था तहरीक- ए-हुर्रियत को भारत सरकार ने गैर कानूनी संगठन घोषित किया है. इसे UAPA कानून के तहत गैर कानूनी संगठन घोषित किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने भारत सरकार के इस फैसले पर ट्वीट कर जानकारी दी है. भारत सरकार के मुताबिक पिछले कई सालों से जम्मू कश्मीर में अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए तहरीक-ए-हुर्रियत जम्मू कश्मीर में काम कर रही थी.

गृह मंत्री ने जानकारी दी कि तहरीक-ए-हुर्रियत जम्मू-कश्मीर, केंद्रशासित प्रदेश को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की निषिद्ध गतिविधियों में शामिल रहा है.

क्या है UAPA

UAPA की फुल फॉर्म अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेन्शन एक्ट है. इस कानून के तहत केंद्र सरकार किसी भी व्यक्ति या संगठन को ‘गैरकानूनी’ या ‘आतंकवादी’ घोषित कर सकती है.

कब बना तहरीक-ए-हुर्रियत

तहरीक-ए-हुर्रियत संगठन जम्मू व कश्मीर में सैयद अली शाह गिलानी ने 7 अगस्त 2004 को स्थापित किया, यह एक अलगाववादी संगठन था. सैयद अली शाह गिलानी ने शुरआत अपनी पूर्व पार्टी जमात-ए-इस्लामी कश्मीर छोड़ने के बाद की थी.

गृह मंत्रालय के मुताबिक, वर्तमान में देश में 43 संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है. इनमें कई खालिस्तानी संगठन भी शामिल हैं.

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