नई दिल्ली: देश में फिलहाल चीन और नेपाल सीमा पर लगातार तनाव बढ़ रहा है. लद्दाख क्षेत्र व असम क्षेत्र में जहां लगातार चीन और भारतीय सेना के बीच तनाव देखने को मिल रहा है. वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे सामने फिलहाल खड़ी हैं. यह स्थिति बिल्कुल वैसी ही है जैसी साल 2017 में डोकलाम विवाद के वक्त था. हालांकि इस बीच भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया ने तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी. बता दें कि आज तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन को वायुसेना में शामिल कर लिया गया है. इस स्क्वाड्रन का नाम फ्लाइंग बुलेट्स रखा गया है. Also Read - चीन और हांगकांग से 2450 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर लेकर भारत पहुंचा स्पाइसजेट का विमान

बता दें कि तमिलनाडु के कोयम्बटूर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहां सुलुरु एयरफोर्स स्टेशन से वायुसेना प्रमुख ने उड़ान भरी. बता दें कि फ्लाइंग बुलेट स्क्वाड्रन LCA तेजस विमानों से लैस है. बता दें कि साल 2016 में वायुसेना की तरफ से माक-1 के तेजस लड़ाकू विमानों के निर्माण की मंजूरी दी गई थी. इसे 40 हजार करोड़ रुपये में एयरफोर्स ने HAL से खरीदा था. बता दें कि लड़ाकू विमान तेजस चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिका हथियारों से लैस बेहद हल्का विमान है. Also Read - IPL स्थगित, स्वेदश वापसी को लेकर दुविधा में Pat Cummins

बता दें कि एयरफोर्स फिलहाल स्क्वाड्रन्स की कमी से जूझ रही है. फ्रांस से इसी साल इस कमी को पूरा करने के लिए 36 रफाल लड़ाकू विमानों की पहली खेप मिलेगी. वहीं चीन व भारत सीमा पर बढ़ते विवाद के बीच तेजस के नए लड़ाकू विमानों का भारतीय वायु सेना में शामिल होना एक राहत भरी खबर है. बता दें कि पछले तीन हफ्ते से लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक आमने सामने हैं. वहीं बीते दिनों चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा एक मीटिंग में युद्धस्तर पर तैयारी वाली बात ने तनाव और बढ़ा दिया है.