प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा देश की बागडोर संभालने के बाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी गतिविधियों के कारण पिछले कुछ दिनों से बार-बार कयासों को जन्म दे रहे हैं. ताजा घटना में नीतीश ने अपने विरोधी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव पर मेहरबानी दिखाई है. दरअसल, बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री रहते हुए अपने आधिकारिक बंगले की साज-सज्जा पर काफी अधिक धन खर्च करने का आरोप लगाया था. लेकिन अब अचानक से नीतीश कुमार ने कह दिया है कि तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में आवंटित हुए 5, देशरत्न मार्ग बंगले की मरम्मत और साज-सज्जा पर कोई गैरजरूरी खर्च नहीं किया. दरअसल, नीतीश कुमार के साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री बने तेजस्वी को उक्त बंगाल आवंटित किया गया था, लेकिन जब राजद के साथ नीतीश का गठबंधन टूट गया तो उक्त बंगले को मौजूदा उपमुख्यमंत्री मोदी को आवंटित कर दिया गया. Also Read - UP Vidhan Parishad Election: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में 55.47% मतदान

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश कुमार ने कहा कि सरकारी बंगले पर अधिक खर्च को लेकर तेजस्वी यादव के खिलाफ कोई जांच नहीं चल रही है. बंगले पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन ये पूरे खर्च अलग-अलग समय पर अलग-अलग मद में किए गए. अगर ये खर्च एक साथ किए गए होते तो इसके लिए कैबिनेट या वित्त विभाग की मंजूरी की जरूरत होती. कोई अतिरिक्त धन खर्च नहीं किया गया. Also Read - किसानों से बातचीत से पहले मोदी सरकार के दिग्गज मंत्रियों की बैठक, इस रणनीति पर हो रही चर्चा!

इसी सालफरवरी महीने में जब सुशील मोदी इस बंगले में शिफ्ट हुए थे तो उन्होंने आरोप लगाया था कि तेजस्वी ने इसके रिनोवेशन पर काफी अधिक धन खर्च किए. उन्होंने कहा था कि उन्हें ऐसा लगा कि वह एक 7 स्टार होटल में आए हैं. वह बंगले की साज-सज्जा को देखकर हैरान रह गए थे. सुशील मोदी ने कहा था कि यहां तक कि प्रधानमंत्री का बंगला भी इतना सुंदर तरीके से नहीं सजाया गया होगा. सुशील मोदी ने कहा था कि यहां रहने वाला व्यक्ति सोचा था कि वह हमेशा के लिए ही यहां रहेगा. इस बंगले पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए. Also Read - GHMC Poll Latest News: केंद्रीय गृह मंत्री रेड्डी, असदुद्दीन ओवैसी समेत इन दिग्‍गजों ने की वोटिंग

मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बराबर वाले बंगले को 2015 में तेजस्वी यादव को आवंटित किया गया था. लेकिन जदयू और राजद के बीच गठबंधन टूटने के बाद इसे 2017 में सुशील मोदी को आवंटित कर दिया गया. तेजस्वी यादव बंगला खाली नहीं कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. लेकिन पटना हाईकोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी. इसके बाद इस साल फरवरी में सुशील मोदी इस बंगले में शिफ्ट हो सके.