नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी में सभी पार्टियां लग गई हैं. इसके लिए चुनावी गठबंधन पर लगभग सभी पार्टियां अंतिम दौर पर पहुंच गई हैं. अब बिहार में आरजेडी और कांग्रेस में गठबंधन पर बात नहीं बनने की स्थिति में आरजेडी प्लान-बी पर काम कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए वह दूसरे छोटे दलों के संपर्क में है. Also Read - तेजस्वी यादव बोले- बिहार में शवों के ढेर पर चुनाव कराना सही नहीं, क्या नीतीश को राष्ट्रपति शासन का डर है?

बताया जा रहा है कि बिहार की 40 सीटों में कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह रही है. हालांकि, आरजेडी के सहमत नहीं होने की स्थिति में वह कम से कम 12 सीटें चाहती है. ऐसी स्थिति में आरजेडी छोटे महागठबंधन की ओर देख रही है. इसमें वह कांग्रेस के अलावा दूसरे दलों को शामिल करने की कोशिश कर रही है. Also Read - चुनाव से पहले JDU को बड़ा झटका, पार्टी छोड़ तीन नेताओं ने थामा RJD का दामन

राहुल गांधी की है पटना में रैली
3 फरवरी को बिहार के पटना में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली है. महागठबंधन में शामिल रहने की इच्छुक पार्टियां चाहती हैं कि सीटों के बंटवारा का मामला इस रैली से पहले हल हो जाए. लेकिन, दूसरी तरफ कांग्रेस इस रैली के बाद इस मुद्दे पर बात करना चाहती है. बताया जा रहा है कि इस रैली में कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन करने की इच्छुक है. Also Read - बिहार: थाली-कटोरा के बाद RJD अब ढोल बजवाएगी, कहा- सरकार को नींद से जगाना है

तेजस्वी ने माया-अखिलेश से की थी मुलाकात
बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने हाल ही में यूपी में बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने ‘कांग्रेस माइनस’ सपा-बसपा गठबंधन की रूपरेखा पर भी बात की थी. इस दौरान यह भी बात की जा रही है कि बसपा बिहार में आरजेडी के साथ मैदान में उतर सकती है और उसके लिए भी आरजेडी कुछ सीटें छोड़ सकती है.

कांग्रेस के पास है सिर्फ दो सीट
बिहार में कांग्रेस के पास दो सीट है. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, आरजेडी कांग्रेस को 7 से 8 सीट देना चाहती है. इसके साथ ही वह लेफ्ट पार्टी को भी कुछ सीटें देना चाहती है. वहीं, मायावती से तेजस्वी के मुलाकात के बाद इस गठबंधन पर भी सबकी निगाहे हैं. वहीं, कांग्रेस का कहना है कि वह 3 फरवरी को होने वाली राहुल गांधी की रैली के बाद ही कुछ कहने की स्थिति में है.