हैदराबाद/ नई दिल्‍ली: तेलंगाना सरकार ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की जन्मशती के उपलक्ष्य पर सालभर चलने वाले समारोह की शुरुआत की है, मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समकक्ष रखते हुए दिवंगत नेता को ”भारत रत्न” प्रदान करने की मांग की है. Also Read - Central Cabinet Expansion: केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी! कांग्रेस छोड़कर आए सिंधिया को मिल सकता है मंत्री पद

वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री कल्बकुंतल चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह भी अनुरोध किया कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम में पूर्व प्रधानमंत्री पामुलपर्ति वेंकट (पी.वी.) नरसिम्हा राव का नाम जोड़ा जाए. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि स्थानीय जनता की पुरजोर मांग है कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम ‘पीवी नरसिम्हा राव हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय’ किया जाए. Also Read - Central Cabinet: मॉनसून सत्र से पहले होगा केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार! पीएम मोदी की टीम में कौन होंगे शामिल? लग रहे कयास

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने नरसिम्हा राव को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समकक्ष रखते हुए दिवंगत नेता को ‘‘भारत रत्न’’ प्रदान करने की मांग की. बता दें कि नरसिम्हा राव का जन्म 28 जून, 1921 को करीमनगर के वानगरा में हुआ था. 23 दिसंबर, 2004 को उनका निधन हो गया था. Also Read - Telangana Lockdown Update: तेलंगाना में कुछ छूट के साथ Lockdown 19 जून तक बढ़ाया गया, जानें ताजा अपडेट

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने नरसिम्हा राव 99वीं जयंती के अवसर पर यहां स्थित उनकी समाधि ”पीवी ज्ञान भूमि” पर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के गौरवशाली पुत्र” थे. उन्होंने देश में साहसिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने सहित उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे.

सीएम ने उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में मनाये जाने वाले समारोह की शुरुआत करते हुये उनकी स्मृति में कई कार्यक्रमों की घोषणा की है. चंद्रशेखर राव ने कहा कि कांग्रेस के दिवंगत नेता को मरणोपरांत देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 1991-96 के अपने कार्यकाल के दौरान नाजुक दौर में देश का नेतृत्व किया और कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए.

पीवी ज्ञान भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और उन्हें भारत रत्न देने की मांग करेंगे. कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्रियों, विपक्षी नेताओं और नरसिम्हा राव के परिवार के सदस्यों ने भाग लिया.

चंद्रशेखर राव ने हाल ही में घोषणा की थी कि साल भर तक चलने वाले जन्मशती वर्ष के कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा और राज्य मंत्रिमंडल और विधानमंडल पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग वाले प्रस्तावों को पारित करेगा.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा.