नई दिल्ली: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने लगे हैं. दोपहर 12 बजे तक आए नतीजों में हिन्दी भाषी तीन राज्यों में से दो राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है. हालांकि तेलंगाना और मिजोरम में यहां के मतदाताओं ने स्थानीय पार्टियों पर ही भरोसा जताया है. 119 विधानसभा सीटों वाले तेलंगाना में केसीआर की पार्टी तीन चौथाई सीटों के साथ सरकार बनाती हुई दिख रही है. वहीं नॉर्थ ईस्ट के राज्य मिजोरम में एमएनएफ को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है. राज्य की 40 सीटों में से वह 29 सीटों पर आगे चल रही है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता का कहना है कि इसमें कोई संदेह नहीं था कि पार्टी बड़ी बहुमत के साथ सत्ता में बनी रहेगी. लोकसभा की सदस्य कविता ने कहा कि कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी क्योंकि टीआरएस सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों के दौरान सभी मोचरें पर अच्छा प्रदर्शन किया है. टीआरएस नेता ने कहा कि टीआरएस और कांग्रेस के नेतृत्व वाले पीपुल्स फ्रंट के बीच तथाकथित कठिन लड़ाई केवल कागज पर दिखाई गई थी. उन्होंने एक समाचार चैनल को बताया कि तेलंगाना ने विकास के लिए मतदान किया. कविता ने कहा, केसीआर की कड़ी मेहनत रंग लाई है. उन्होंने साथ ही कहा कि यह कल्याण कार्यक्रम और ‘तेलंगाना प्राइड’ दोनों का असर रहा, जिसने इस चुनाव में पार्टी के लिए काम किया.

निजामाबाद की सांसद ने कहा कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए पीपुल्स फ्रंट को हाइजैक कर लिया. उन्होंने कहा कि इस विशाल जीत के बाद केसीआर अब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के विकल्प के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे. वहीं मिजोरम में पिछले 10 सालों से कांग्रेस की सरकार थी लेकिन मुख्यमंत्री ललथनहवला चंपई दक्षिण सीट से चुनाव हार गए हैं. वह सर्छिप सीट से भी पीछे चल रहे हैं. सीएम ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था.