नई दिल्ली: तेलंगाना में हैदराबाद की चंद्रयानंगट्टा विधानसभा सीट पर होने वाला चुनाव दिलचस्प हो गया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और इस सीट से चार बार से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी से मुकाबले के लिए बीजेपी ने एबीवीपी कार्यकर्ता शाहजादी सैयद को मैदान में उतारा है. इस सीट को एआईएमआईएम का गढ़ माना जाता है. कई लोगों को लगता है कि 26 वर्षीय सैयद के लिए मुकाबला आसान नहीं होगा. हालांकि सैयद अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. उनका कहना है कि पुराने हैदराबाद में मुस्लम अब बदलाव चाहते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुस्लिम धर्म से ऊपर उठ चुके हैं. अब वे नौकरियों और विकास के लिए वोट करेंगे. पिछले कुछ दशकों में एआईएमआईएम ये दोनों ही चीजें मुहैया कराने में नाकामयाब रही है. मेरी जीत की संभावना प्रबल है. उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट सैयद 2014 में हैदराबाद आ गई थीं. वह अदिलाबाद जिले की रहने वाली हैं.

उन्होंने बताया कि वह 2009 से छात्र राजनीति में सक्रिया है जब राज्य को दो हिस्सों में बांटने के लिए मुहिम शुरू हुई थी. मैं ABVP से जुड़ी थी. सैयद का कहना है कि उन्हें लगता है कि यह प्रोग्रेसिव और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेश है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीयता के विचार ने उन्हें बीजेपी की ओर आकर्षित किया. बीजेपी जॉइन करने से पहले उनका नाम ABVP नेशनल एक्जीक्यूटिक के लिए चल रहा था.

सैयद का कहना है कि मुस्लिम बीजेपी को हिन्दू पार्टी मानकर गलती कर रहे हैं. मैं महसूस करती हूं कि यह सेक्यूलर पार्टी है. जब मैंने बीजेपी जॉइन किया तो सैकड़ो मुसलमानों ने मुझे बधाई दी. बीजेपी ही है जिसने मुस्लिम को राष्ट्रपति बनाया. मुझे लगता है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में 4 प्रतिशत मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया. शहजादी अपने तेजतर्रा भाषणों के लिए जानी जाती हैं. संघ की विचाराधारा का खुलकर समर्थन करती रही हैं. एबीवीपी में उनकी छवि फायरब्रांड छात्र नेता की रही है. शहजादी एमआईएम पार्टी के प्रमुख असुद्दीन ओवैसी का खुलकर विरोध कर चुकी हैं.

अकबरुद्दीन ओवैसी पिछले चार बार से विधायक हैं. पहला चुनाव 1999 में लड़ा था. इसके बाद, 2004, 2009 और 2014 के चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की. अकबरुद्दीन को हराना आसान नहीं है. 2014 के चुनाव में, एमआईएम नेता को 80,393 वोट मिले थे. पिछले तीन विधानसभा चुनाव में मजलिस बचाओ तहरीक के डॉ. खयाम खान लगातार अकबरुद्दीन का सामना कर रहे हैं. हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिल रही.

तेलंगाना विधानसभा चुनाव में एमआईएम अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी टीआरएस का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में 5 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी. ओवैसी कई बार दोहरा चुके हैं कि टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव फिर से राज्य की कमान संभालेंगे.