नई दिल्ली: तेलंगाना में खंडित जनादेश आने का पूर्वानुमान जताते हुए बीजेपी ने रविवार को दावा किया कि वह राज्य में अगली सरकार गठित होने में ‘महत्वपूर्ण भूमिका’ निभाएगी. इस राज्य में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सत्ता में बने रहने पर नजरें लगाए हुए है. तेलंगाना में सात दिसंबर को मतदान हुआ था और राज्य की 119 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लक्ष्मण ने कहा ,‘हम एक दशक के बाद पहली बार अकेले चुनाव लड़े हैं. हम जीतने के लिए चुनाव लड़े हैं. भाजपा सरकार में शामिल होगी. भाजपा के बिना कोई सरकार नहीं बन सकती. नतीजे आने के बाद क्या होगा, हम इस बारे में सोचेंगे. Also Read - इजराइल को क्लोरोक्वीन भेजने के लिए शुक्रिया, मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी: बेंजामिन नेतन्याहू

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उन्होंने दावा किया कि भाजपा तेलंगाना में एक मजबूत दल बनकर उभरी है और इससे उसके मत प्रतिशत और सीटों की संख्या में बहुत बढोतरी होगी. उन खबरों के बारे में पूछे जाने पर जिनमें उनके हवाले से कहा गया कि खंडित जनादेश की स्थिति में भाजपा टीआरएस को समर्थन देगी, उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को ‘अलग तरीके से लिया गया. हालांकि तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस और विपक्षी कांग्रेस नीत ‘पीपुल्स फ्रंट’ ने राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी जीत का भरोसा जताया है. कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने कहा कि पार्टी के प्रति मतदाताओं का मूड बहुत सकारात्मक है. Also Read - पीएम ने ट्वीट कर बताया,...तो यह मोदी को विवादों में घसीटने की कोई खुराफात लगती है

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वर्ष 2014 में भाजपा, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी और उसने कुल 119 में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी. जीती गईं सभी पांच सीटें उप्पल, मुशीराबाद, अंबरपेट, गोशामहल और एलबी नगर हैदराबाद में आती हैं. विधानसभा की ज्यादातर सीटों पर सत्तारूढ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआएस) और कांग्रेस नीत महागठबंधन ‘प्रजाकुटमी’ के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है, लेकिन भाजपा भी 2014 में बने देश के सबसे नए राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और अपनी सीटों की संख्या बढाने के प्रयास में है.

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चुनाव विश्लेषकों का कहना है कि कुछ सीटों पर भाजपा भी कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. चुनाव मुख्य रूप से स्थानीय मुद्दों पर लड़ा रहा है और टीआरएस सरकार के कामकाज को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. टीआरएस ने तेलंगाना के भावुक मुद्दे को भुनाते हुए 2014 में बहुमत हासिल किया था. राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के अन्य प्रमुख नेताओं ने राज्य में पार्टी के लिए प्रचार किया है.

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वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने टीडीपी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन किया था और 45 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से पांच सीटें जीती थीं. टीडीपी ने लड़ी गईं 72 सीटों में से 15 पर जीत हासिल की थी. हालांकि उसके 12 विधायक टीआरएस और बाद में एक कांग्रेस में शामिल हो गये थे. टीआरएस ने 63 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी.वर्ष 2014 लोकसभा चुनावों में, टीआरएस ने 17 में से 11 सीटें जीती थीं.