नई दिल्ली: तेलंगाना में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस, बीजेपी, तेलंगाना राष्ट्र समिति के साथ ही निर्दलीय उम्मीदवार भी जमकर प्रचार कर रहे हैं. बड़ी पार्टियां जहां अपने स्टार प्रचारकों के भरोसे हैं वहीं निर्दलीय चुनाव में जीत दर्ज करने और वोटर्स को अपने पाले में करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. कोरातला के एक निर्दलीय प्रत्याशी का वोट मांगने का तरीका आजकल सुर्खियों में है. चुनाव में नेता बड़े-बड़े वादे तो करते हैं लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाते. यही वजह है कि जनता का नेताओं से भरोसा उठ रहा है. Also Read - लेह अस्पताल में जहां जवानों से मिले पीएम मोदी उसको लेकर उठे सवाल, सेना ने की सबकी बोलती बंद

Also Read - 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- तारीफ के हकदार हैं बिहार के भाजपा कार्यकर्ता

तेलंगाना में सोनिया-राहुल की रैली आज, 500 करोड़ की संपत्ति के मालिक ये नेता कांग्रेस में होंगे शामिल Also Read - चीनी ऐप बैन के बाद पीएम मोदी का अगला कदम, ऐप बनाने के लिए युवाओं को दिया खास चैलेंज

इसी भरोसे को फिर से कायम करने के लिए कोरातला के एक निर्दलीय प्रत्याशी ने अनोखा तरीका अपनाया है. वह घर-घर जाकर लोगों को एक चप्पल दे रहे हैं और उनसे कह रहे हैं कि जीतने के बाद अगर वह किए गए वादे पूरा नहीं कर पाए तो उन्हें इसी चप्पल से पीटा जाए. अकुला हनुमंत जगतियाल जिले के कोरातला से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्हें भरोसा है कि मतदाता उन्हें वोट देंगे और जीतने के बाद उन्होंने जनता से जो वादा किया है उसे जरूर पूरा करेंगे. उनका कहना है कि मतदाताओं को भरोसा दिलाने के लिए वो जो वादा कर रहे हैं उसे जरूर पूरा करेंगे. वह लोगों के घर जाकर उन्हें चप्पल दे रहे हैं और बता रहे हैं कि अगर वह अपने वादे पूरा नहीं कर पाए तो लोग इन्हीं चप्पलों से उनकी पिटाई करें.

तेलंगाना का बड़ा सवाल: अपना-अपना वोट एक-दूसरे को दिला पाएंगी मजबूरी में महागठबंधन में शामिल हुई पार्टियां?

119 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में 7 दिसंबर को वोटिंग हैं. चार अन्य राज्यों के साथ नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे. राज्य में विधानसभा भंग करने के बाद समय से पहले चुनाव हो रहे हैं. 2 जून 2014 को तेलंगाना अलग राज्य बना. केसीआर की पार्टी टीआरएस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और वह तेलंगाना के पहले सीएम बने. इस बीच उनका झुकाव केंद्र की मोदी सरकार की तरफ रहा. लेकिन बाद के दिनों में मतभेद होने के बाद उन्होंने न सिर्फ केंद्र सरकार की आलोचना की, बल्कि विधानसभा भंग कर चुनाव में उतर गए.

मिजोरम चुनाव: बीजेपी का आज तक नहीं खुला है खाता, 1 समीकरण से 10 साल से जीत रही है कांग्रेस

चुनावी राज्य तेलंगाना में सभी पार्टियां जमकर प्रचार कर रही हैं. कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और अध्यक्ष राहुल गांधी आज तेलंगाना के मेडचल में एकसाथ चुनावी सभा करेंगे जिसके लिए पार्टी ने करीब 70 विधानसभा क्षेत्रों में एलईडी स्क्रीन लगाने का फैसला किया है ताकि दोनों नेताओं की बातों को राज्य के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके. पार्टी के राज्य प्रभारी आर सी खूंटिया ने कहा कि इस सभा में कई सामाजिक संगठन तेलंगाना के गठन में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए सोनिया गांधी को सम्मानित करेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कोशिश है कि अगले कुछ दिनों के भीतर एक बड़ी सभा की जाए जिसमें राहुल गांधी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) नेता एन चंद्रबाबू नायडू एक मंच पर आएं. तेलंगाना में कांग्रेस और तेदेपा मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं.