नई दिल्ली: तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता का कहना है कि इसमें कोई संदेह नहीं था कि पार्टी बड़ी बहुमत के साथ सत्ता में बनी रहेगी. लोकसभा की सदस्य कविता ने कहा कि कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी क्योंकि टीआरएस सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों के दौरान सभी मोचरें पर अच्छा प्रदर्शन किया है. टीआरएस नेता ने कहा कि टीआरएस और कांग्रेस के नेतृत्व वाले पीपुल्स फ्रंट के बीच तथाकथित कठिन लड़ाई केवल कागज पर दिखाई गई थी. उन्होंने एक समाचार चैनल को बताया कि तेलंगाना ने विकास के लिए मतदान किया. कविता ने कहा, केसीआर की कड़ी मेहनत रंग लाई है. उन्होंने साथ ही कहा कि यह कल्याण कार्यक्रम और ‘तेलंगाना प्राइड’ दोनों का असर रहा, जिसने इस चुनाव में पार्टी के लिए काम किया. Also Read - Cow Drinks Liquor Viral News: पानी समझकर शराब पी गईं गायें, फिर जो हुआ उसे जान दंग रह गए लोग

निजामाबाद की सांसद ने कहा कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए पीपुल्स फ्रंट को हाइजैक कर लिया. उन्होंने कहा कि इस विशाल जीत के बाद केसीआर अब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों के विकल्प के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगे. Also Read - बीजेपी में जाने पर भी खटपट! ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बड़े BJP नेता से बढ़ रही हैं दूरियां, सियासी घमासान के आसार

दूसरी ओर तेलंगाना में कांग्रेस ने करारी हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाए हैं. तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम रेड्डी ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं. अबतक आए रुझानों और नतीजों में के चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस एक तरफ जीत हासिल करती हुई दिख रही है. तेलंगाना में विधानसभा की 119 सीटें हैं. इस बार 1821 प्रत्याशी मैदान में हैं. इसमें 135 महिलाएं हैं. राज्य में कुल 2 करोड़ 80 लाख वोटर्स हैं, जिनके लिए 32 हजार 815 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे. Also Read - अहमदाबाद और सूरत को मेट्रो ट्रेन का तोहफा, पीएम मोदी ने दो परियोजनाओं की आधारशिला रखकर कहा- बदलेगी सूरत

साल 2013 की बात करें तो तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) को 90 सीटें मिली थीं. कांग्रेस को 13, ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की 7 सीटें, भाजपा की 5 सीटें, सीपीआई (एम) की 1 सीट और टीडीपी की 3 सीटें थीं. एग्जिट पोल के नतीजे तेलंगाना की स्थिति को रोमांचक बना दिए हैं. कई एग्जिट पोल में टीआरएस की एकतरफा जीत बताया जा रहा है तो कई में त्रिशंकु विधानसभा भी बनती दिख रही है. बता दें कि टीआरएस ने साल 2014 में राज्य के पहले विधानसभा में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी. चंद्रशेखर राव राज्य के पहले सीएम बने थे. लेकिन कई मांगों के लिए प्रदर्शन करते हुए उन्होंने समय से पहले ही विधानसभा भंग कर दी और चुनाव में उतर गए.