
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
Revanth Reddy Statement: तेलंगाना में क्रिसमस समारोह को लेकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. हैदराबाद के लाल बहादुर स्टेडियम में आयोजित सरकारी क्रिसमस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसा बयान दिया, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है. उनके बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है. मामला धार्मिक भावनाओं और राजनीति को जोड़ने से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं.
क्रिसमस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि आज अगर तेलंगाना में लोग क्रिसमस मना पा रहे हैं, तो इसके पीछे कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की बड़ी भूमिका और उनका बलिदान है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के योगदान के कारण ही राज्य में ऐसे आयोजन संभव हो पाए हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर का महीना तेलंगाना के लिए खास है, क्योंकि इसी महीने सोनिया गांधी का जन्मदिन आता है और इसी महीने राज्य का गठन भी हुआ था.
मुख्यमंत्री के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि एक धार्मिक त्योहार को किसी राजनीतिक नेता से जोड़ना गलत है. भाजपा ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी ने क्रिसमस जैसे पवित्र पर्व का राजनीतिकरण किया है. पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री को ऐसे मंच पर सभी धर्मों के प्रति सम्मान और संतुलन बनाए रखना चाहिए था, न कि किसी एक नेता की प्रशंसा करनी चाहिए थी.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी ने कभी हिंदू त्योहारों में खास रुचि नहीं दिखाई. उन्होंने दावा किया कि जब सोनिया गांधी सत्ता में थीं, तब उनके आवास पर क्रिसमस तो मनाया जाता था, लेकिन दीपावली नहीं. वहीं भाजपा नेता राज पुरोहित ने रेवंत रेड्डी के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री यीशु मसीह के बलिदान की तुलना किसी राजनीतिक नेता से कर रहे हैं. उनका कहना था कि इस तरह के बयान सोच-समझकर दिए जाने चाहिए.
भाजपा नेता विक्रम रंधावा ने भी मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए ईसाई धर्म और क्रिसमस जैसे वैश्विक पर्व का इस्तेमाल किया गया. रंधावा ने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को निजी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना गलत है. इससे पहले भाजपा की तेलंगाना इकाई ने भी मुख्यमंत्री की टिप्पणी को चापलूसी करार दिया और इसे जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश बताया. कुल मिलाकर, यह बयान अब तेलंगाना की राजनीति में एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है.
(इनपुट-IANS)
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.