हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान में हिस्सा लेने से पहले एतिहासिक चारमीनार से सटे भाग्यलक्ष्मी मंदिर में रविवार को पूजा अर्चना की. एक दिसंबर को होने वाले स्थानीय चुनावों के लिए प्रचार अभियान रविवार शाम को समाप्त हो जाएगा. Also Read - सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती: गृह मंत्री अमित शाह ने नेताजी को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ शाह ने पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच दर्शन-पूजन किए और मंदिर प्रबंधन समिति ने इस अवसर पर उनका सम्मान भी किया. मंदिर में लगभग 15 मिनट बिताने के बाद, शाह ने बड़ी संख्या में चारमीनार के पास इकट्ठा हुए कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और विक्ट्री साइन भी बनाया. Also Read - दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे अमित शाह, बोले- आपने हर चुनौती का धैर्य से सामना किया

भाजपा नेता अपने दौरे के दौरान एक रोड शो करेंगे और सभाओं को संबोधित करेंगे. ऐतिहासिक स्मारक के आसपास के क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए थे. केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.

मंदिर को अमित शाह की यात्रा के लिए तैयार किया गया था. पार्टी का झंडा लेकर सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता इस अवसर पर स्मारक के पास एकत्र हुए. अभिनेता पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना पार्टी के समर्थक भी दिखाई दिए. जैसा कि क्षेत्र सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील है, सुरक्षा एजेंसियों ने शाह की यात्रा के लिए विशेष व्यवस्था की. शीर्ष अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया.

शाह के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी, राज्य भाजपा प्रमुख बंडी संजय कुमार और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव, पार्टी के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के. लक्ष्मण, पार्टी के सांसद और राज्य के विधायक भी मौजूद थे. इससे पहले, शहर में बेगमपेट हवाई अड्डे पर उतरने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शाह का स्वागत किया. केंद्रीय मंत्री का मंदिर दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा हिंदुत्व पर फोकस कर चुनाव लड़ रही है.

भाजपा के राज्य प्रमुख बंडी संजय कुमार ने भी कुछ दिनों पहले मंदिर में ‘दर्शन’ किए थे और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को चुनौती दी थी कि वह भगवान के नाम की सौगंध लेने के लिए मंदिर जाएं ताकि उनके आरोप को साबित किया जा सके कि भाजपा नेता ने हाल ही में बाढ़ के पीड़ितों के बीच वित्तीय सहायता के वितरण पर रोक के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था.