हैदराबाद. तेलंगाना ऑनर किलिंग केस में पुलिस ने मर्डर की योजना से लेकर अंजाम तक की सारी गुत्थियं सुलझा ली हैं. पुलिस ने परत-दर-परत इस केस की सारी घटनाओं का खुलास किया. मिरयालागुदा पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें दो शख्स गुजरात के गृहमंत्री रहे हरेन पांड्या की हत्या में आरोपी थे, जिन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया था. खास बात है कि पैसे पर लाया गया हत्यारा शुभाष शर्मा सीटीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे उसने दलित ईसाई युवक पेरुमल्ला प्रणय की धारदार हथियार से हत्या की.

बिहार से गिरफ्तार हुआ सुभाष
बता दें कि सुभाष शर्मा को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है. उसे जेल पारगमन वारंट के अतंर्गत हैदराबाद ले जाया गया है. अन्य 6 आरोपियों में टी मुरुथी राव, असगर अली, मोहम्मद अब्दुल बारी, अब्दुल करीम, मुरुथी राव का भाई टी श्रवण और मुरुथी राव का ड्राइवर समुद्राला शिवा है.

जुलाई के पहले हफ्ते से शुरू हुई प्लानिंग
एसपी पुलिस ए रंगनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया, करीम के जरिए मरुथि राव अब्दुल बारी के संपर्क में आया. मरुथी और करीम साल 2011 में एक जमीन विवाद के दौरान संपर्क में आए. करीम ने ही बारी और असगर अली को मर्डर प्लॉट के बारे में जानकारी दी थी. इसके बाद जुलाई के पहले हफ्ते में सभी ऑटोनगर के मिरयालगुदा में मुरुथी राव से मिले.

2.5 करोड़ रुपये की हुई बात
एसपी ने बताया, इस दौरान असगर अली और बारी ने 2.5 करोड़ रुपेय की मांग की. लेकिन 1 करोड़ रुपये में बात बनी. इसके बाद उन्होंने 50 लाख रुपये एडवांस की मांग की, लेकिन उन्हें 15 लाख रुपये ही मिला. एडवांस बारी को करीम के माध्यम से दिया गया. बारी इसमें से 8 लाख रुपये कैश ले लिया था. असगर को 6 लाख रुपये मिले और करीम को 1 लाख रुपये. ये सब 9 और 10 जुलाई के बीच हुआ.

9 अगस्त को हुई रेकी
एसपी के मुताबिक, 9 अगस्त को उन्होंने रेकी की. जब प्रणय, उसका भाई और अमरुथा ब्यूटी पार्लर आए तो असगर अली, बारी और सुभाष वहां मौजूद थे. हालांकि, इस दौरान वह ये नहीं समझ पाए कि दोनों में प्रणय कौन है और हत्या की अपनी योजना में रुक गए.

रिसेप्शन में भी थी तैयारी
प्रणय और अमरुथा ने 17 अगस्त को वेडिंग रिसेप्शन रखा. इस दौरान पुलिस ने उन्हें सुरक्षा देते हुए वहां एक एसआई और 4 कॉन्स्टेबल की तैनाती कर दी. रिसेप्शन के दौरान ही मरुथी राव हैदराबाद आया और ऑपरेशन में लग गया. 22 अगस्त को सुभाष प्रणय के घर गया और प्रणय के पिता बालास्वामी से पूछा कि क्या उनकी कार किराए पर है? वह हिंदी बोल रहा था, जो कि बालास्वामी को संदिग्ध लगा. इसके बाद हत्यारों ने दूसरी योजना बनाई. वे 1 सितंबर को प्रणय का अपहरण कर उसकी हत्या कर देना चाहते थे. असगर ने हैदराबाद से 4 लोगों की व्यवस्था की. हालांकि, वे शराबी थे और असगर को लगा कि वह मर्डर की योजना को जमीन पर नहीं उतार सकते हैं. ऐसे में उन्होंने अपनी योजना को आगे बढ़ा दिया.

14 सितंबर को मर्डर को अंजाम दिया
14 सितंबर को उन्होंने मर्डर को अंजाम दिया. इसके लिए हथियार की व्यवस्था असगर अली ने की थी. इस दौरान सुभाष शर्मा लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और नालगोंडा, चितयाल के साथ-साथ हैदराबाद के अलग-अलग लॉज में रहा. असगर सुभाष को निर्देश देता रहा. 14 सितंबर को असगर अस्पताल में मौजूद था. हत्या के बाद असगर ने बारी को फोन किया और बताया कि प्रणय मार दिया गया है. इसके बाद उसने बारी से बचे हुए पैसे की बात की.

बेंगलुरु होते हुए पहुंचा पटना
हत्या के बाद सुभाष शर्मा बेंगलुरु भाग गया और वहां से पटना पहुंचा. पुलिस ने इस पूरे केस को टेक्निकल इनपुट्स, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस नेटवर्क से खोला. एसपी के मुताबिक, मारुथी के भाई श्रवण और ड्राइवर सिवा का रोल का 5 अन्य आरोपियों से कम है. श्रवण को प्लॉट के बारे में जानकारी थी. शिवा ने हत्यारों को ट्रांसपोर्ट में मदद की. पुलिस ने इस केस को आईपीसी की धारा 302 (मर्डर) और एससी/एसटी एट्रॉसिटीज प्रिवेंशन एक्ट के तहत दर्ज किया है.