कोलकाता: केंद्र में सत्‍तारूढ़ मोदी सरकार को उखाड़ फेकने को पार्टियों को एकजुट करने के लिए तीसरे फ्रंट की कवायद में जुटे तेलंगाना केे मुख्‍यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की. इस मीटिंग के बाद दोनों नेताओं ने तीसरे फ्रंट की अच्‍छी शुरुआत के दावे किए. ममता बनर्जी ने कहा कि अगले साल होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर एक संघीय फ्रंट के गठन के दिशा में ये ‘अच्‍छी शुरुआत’ है. ममता ने ये दावा कोलकाता में तेलंगाना के सीएम राव से मीटिंग के बाद किया है. वहीं, तेलंगाना राष्‍ट्र समिति के प्रमुख राव ने तीसरे फ्रंट के बारे में रुटीन राजनीति से हटकर नई वैकल्‍पिक राजनीतिक ताकत होने की बात कही. बता दें कि केसीआर के नाम से चर्चित राव सोमवार सुबह मीटिंग के लिए पहुंचे थे. Also Read - Bengal Lockdown News: क्या बंगाल में है संपूर्ण लॉकडाउन की तैयारी? जानें CM ममता बनर्जी ने क्या कहा...

संघीय लीडरशिप होगी: ममता

तेलंगाना के सीएम राव से मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने कहा,” ये एक अच्‍छी शुरुआत है. मैं सोचती हूं ये एक सतत प्रकिया है, हमने जो भी चर्चा की है, इसका लक्ष्‍य देश का विकास है. टीएमसी प्रमुख ममता ने कहा, ये सामूहिक नेतृत्‍व होगा. ये एक संघीय लीडरशिप होगी.”

वैकल्पिक शक्ति की जरूरत: राव

के चंद्रशेखर राव ने कहा, ” लोग सोच रहे हैं कि 2019 के चुनाव के पहले एक अन्‍य फ्रंट होगा. मैं स्‍पष्‍ट करता हूं कि ये फ्रंट देश के लोगों के लिए होगा. यह महज कुछ दलों का गठबंधन नहीं होगा. यहां एक वैकल्पिक शक्ति की जरूरत है.” कांग्रेस से सपोर्ट लेने के सवाल पर राव ने कहा कि आप एक रुटीन राजनीतिक मॉडल के बारे में सोच रहे हैं. हम रुटीन राजनीतिक मॉडल से अलग एजेंडा का प्रस्‍ताव कर रहे है. ये लोगों के एजेंडा पर होगा.

राजनीति में यकीन रखती हूं: ममता

ममता बनर्जी ने कहा,” राजनीति आपको ऐसी स्थितियों में डालती है, जहां आपको अलग लोगों के साथ काम करना पड़ता है. मैं राजनीति में यकीन रखती हूं.”

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मोदी के लिए बन सकते हैं चुनौती

देश में आगामी 2019 के आम चुनाव के लिए गठबंधन की आवाजों के बीच नया चुनावी गठबंधन बनाने के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. देखना होगा कि ये कहा तक अंजाम तक पहुंचती है. अगर तीसरा फ्रंट सामने आया तो केंद्र की बीजेपी की सत्‍ता वापसी आसान नहीं होगी. हाल ही में यूपी में दो लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद विरोधी दलों में उत्‍साह चरम पर है. यूपी उपचुनाव के ठीक पहले विरोधी एसपी और बीएसपी ने जिस तरह से चुनावी खेल बदला है, इसके बाद बीजेपी विरोधी बड़ी पार्टियों समेत कई छोटे-छोटे क्षेत्रीय दल भी नए गठबंधन की संभावनाओं को खंगालने में जुट गए हैं. पिछले कुछ दिनों में विभिन्‍न राजनीतिक दलों के नेताओं के ऐसे बयान आए हैं, जिससे तीसरे बड़े राजनीतिक चुनावी गठबंधन के आसार तेजी से बढ़ रहे हैं. (इनपुट: एजेंसी)