नई दिल्ली. दक्षिण भारत के मशहूर एक्टर रजनीकांत (Rajnikant) और बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार (Akshya Kumar) की फिल्म ‘2.0’ (film ‘2.0’) का ट्रेलर आपने देखा होगा. इसके शुरुआती सीन में ही ढेर सारे मोबाइल फोन को लोगों के हाथ से छूटते या दुकानों से उड़ते हुए दिखाया गया है. एक अन्य दृश्य में भयानक से दिख रहे अक्षय कुमार की पूरी बॉडी पर मोबाइल फोन चिपके हुए भी दिखते हैं. कहना न होगा कि फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म की पहली झांकी यानी ट्रेलर बनाने में पूरी मेहनत की है. लेकिन इस पर कुछ लोगों को आपत्ति है. जी हां, टेलीकॉम कंपनियों को दक्षिण भारत के ‘थलइवा’ माने जाने वाले रजनीकांत की फिल्म को लेकर शिकायत है. टेलीकॉम कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने रजनीकांत और अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘2.0’ के ट्रेलर पर आपत्ति जताई है.

ये है ट्रेलर

सीओएआई का कहना है कि इस फिल्म में मोबाइल फोन तथा टावरों का चित्रण खराब तरीके से किया गया है. यह फिल्म इसी सप्ताह प्रदर्शित हो रही है. सीओएआई ने इस फिल्म की सामग्री को ‘अपमानजनक’ बताते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) यानी सेंसर बोर्ड से इसका प्रमाणपत्र वापस लेने की मांग की है. दरअसल, फिल्म के ट्रेलर में विभिन्न दृश्यों के साथ-साथ यह भी बताया गया है कि टेक्नोलॉजी ने हमें एक-दूसरे के करीब किया है, लेकिन 2018 में यह हमें टारगेट कर रही है. फिल्म के ट्रेलर के पहले सीन में मोबाइल टावर के पास उड़ते हुए पंछियों के दृश्य भी दिखाए गए हैं. टेलीकॉम कंपनियों की दलील है कि ऐसे दृश्यों से लोगों में मोबाइल टावरों के प्रति गलत धारणा घर कर लेगी.

सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं. सीओएआई ने कहा कि इस फिल्म के प्रचार के वीडियो में दर्शाया गया है कि मोबाइल फोन और टावरों इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड उत्सर्जन मानव, पक्षियों से लेकर पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है. बयान में कहा गया है कि इससे मोबाइल फोन और टावरों के बारे में गलत भ्रांति फैलेगी.