नई दिल्ली: दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ हो रहे लगातार विरोध प्रदर्शन ने दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. जामिया से उठा विरोध का स्वर अब राजधानी के अन्य इलाकों में फैलने लगा है, जहां अल्पसंख्यक बहुतायत में रहते हैं. इसलिए दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों को सोशल साइट्स पर खास ध्यान रखने को कहा गया है. दिल्ली पुलिस ने 60 के करीब फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान की है ,जिनसे भड़काने वाले मैसेज शेयर किए गए. लिहाजा दिल्ली पुलिस ने इन 60 एकाउंट्स को बंद करने के लिए लिखा है. दावा किया गया है कि ये लोग अफवाहों को फैलाने में लगे थे. जल्द ही ऐसे लोगों पर पुलिस लीगल एक्शन भी लेने जा रही है.

दिल्ली पुलिस को एजेंसियों से खुफिया जानकारी मिली है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आतंकी संगठन दिल्ली में कोई बड़ी वारदात कर सकते है. खुफिया एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों में हो रही प्रदर्शन और भीड़ का फायदा उठाने की फिराक में आतंकी संगठन लगे हुए हैं. इसलिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस संपर्क में है. इसके साथ ही दिल्ली से लगे सभी राज्यों के बॉर्डर पर पुलिस पिकेट तैनात है और वाहनों को पूरी तरह से चेक करने के बाद ही दिल्ली में प्रवेश करने दिया जाएगा.

बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन जारी है. इस बीच यूपी के कई शहरों में इंटरनेट और फोन सेवा पर रोक लगा दी गई है. प्रदर्शन के दौरान कई जगहों से लगातार हिंसा की खबरे भी सामने आ रही हैं. यूपी में प्रदर्शनकारियों ने कई बसों, निजी संपत्तियों और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है. बिगड़ते हालात को काबू में लाने के लिए गृह मंत्रालय ने हिंसा से सख्ती से निपटने का आदेश दे रखा है.

(इनपुट-आईएएनएस)