श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के शोपियां में नवंबर 2018 में शहीद लांस नायक नाजिर अहमद वानी को मरणोपरंता अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा. वह 27 नवंबर को एक काउंटर-टेररिस्ट ऑपरेशन में शहीद हो गए थे. बता दें कि नाजिर अहमद एक इख्वान थे. इख्वान वे लोग होते हैं जो गुमराह होकर आतंकी बन गए थे, लेकिन जेहाद की समझ आते ही मुख्यधारा में लौट आतंक के सफाए में सुरक्षाबलों के साथ जुट जाते हैं.

नाजिर अहमद कई सम्मानों से नवाजे गए जवान थे. उन्हें साल 2007 में शौर्यता का सेना मेडल भी मिल चुका है. वह दक्षिण कश्मीर के कुलगाम तहसील के असमुजी गांव के रहने वाले थे. उनके घर में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं.

साल 2004 में सेना के साथ जुड़े थे
लांस नायक जिसने साल 2004 में टेरिटोरियल आर्मी की 162 बटालियन के साथ अपने करियर की शुरुआत की. सोमवार को सम्मानपुर्वक उनका अंतिम संस्कार हुआ. बता दें कि वानी का गांव कोइनमूह जैसे गांव के नजदीक है, जहां आतंकवादियों की ज्यादा सक्रियता देखी जाती है.

ऑपरेशन में हुए थे घायल
वानी (38) शोपियां गांव में एक एंटी टेरर ऑपरेशन में घायल हो गए थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया. उनकी बटालियन राष्ट्रीय रायफल की एक युनिट के साथ जुड़ी हुई है. वानी शुरुआती दिनों में आतंकवादी संगठन से जुड़ गए थे. इस बीच उन्हें हिंसा के दुष्प्रभाव के बारे में अहसास हुआ और वह सेना के साथ जुड़ गए.