कन्नूर: थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शनिवार को कहा कि आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनावों में बाधा डालने के लिए लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद एक गंभीर खतरा बना हुआ है और इसे रोकने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी यह खत्म नहीं हो रहा है. Also Read - Jammu Kashmir: श्रीनगर में टूटा पिछले 30 साल का रिकॉर्ड, जम गई डल झील

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद से केंद्रशासित प्रदेश में यह पहला चुनाव है और जिला विकास परिषद चुनाव के पहले चरण में शनिवार को करीब 52 फीसदी मतदान हुआ. Also Read - कश्मीर में ताजा स्‍नोफॉल से आफत, श्रीनगर एयरपोर्ट में कई इंच मोटी बर्फ जमी, उड़ानें ठप

जम्मू-कश्मीर के साम्बा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने कुछ दिन पहले ही 150 मीटर लंबी सुरंग का पता लगाया था. आशंका है कि इसका इस्तेमाल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पाकिस्तान से घुसपैठ के लिए किया. Also Read - Jammu & Kashmir: आर्मी के जवानों ने बर्फीले रास्‍ते में फंसी प्रसूता और नवजात बच्‍चे की बचाई जान

इस घटना के कुछ दिन बाद थल सेना प्रमुख ने कहा कि सर्दियों की शुरुआत के साथ आतंकवादियों ने अब ‘दक्षिण की तरफ’ बढ़ना शुरू कर दया है. उन्होंने कहा कि अब वे ‘अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से सुरंग के जरिए निचले क्षेत्रों में घुसपैठ’ की कोशिश कर रहे हैं.

थल सेना प्रमुख ने जिले के एझीमला नौसेना अकादमी में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पश्चिमी सीमा पर मौजूदा स्थितियों के साथ आतंकवाद गंभीर खतरा बना हुआ है और सभी तरह की कोशिशों के बाद यह खत्म नहीं हो रहा है.’’ उन्होंने कहा कि आतकंवादी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की लगातार कोशिश कर रहे हैं ताकि वे हर संभव समस्याएं पैदा करके सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर सकें.