नई दिल्ली: मेहबूबा मुफ्ती सरकार के आग्रह पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम लागू करते ही सवालों के घेरे में आ गया है. शुक्रवार को कुछ आतंकियों ने कुलगाम के कैमूह में एक बैंक की ब्रांच से कैश लूट लिया. अभी इस घटना के बारे में विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है. बता दें कि इससे पहले आतंकवादियों ने एक जवान की राइफल छीन ली थी. वहीं, शुक्रवार को बांदीपोर में सेना के काफिले पर आतंकियों ने फायरिंग की. वहीं, पाकिस्तान की फायरिंग में 4 स्थानीय नागरिक मारे गए हैं और एक जवान शहीद हो गया है. सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है.

बता दें कि आतंकी कैश की कमी को पूरा करने के लिए बैंकों को निशाना बनाते हैं. जम्मू-कश्मीर में बैंक आतंकियों के निशाने पर रही हैं और कई बार आतंकियों ने ऐसी वारदातों का अंजाम दिया है.

गृह मंत्रालय ने रमजान के पवित्र माह में शांति के मकसद से सीजफाया लागू किया है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है. गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक पाकिस्तान की फायरिंग में आरएस पुरा में एक बीएसएफ जवान शहीद हो गया और दो नागरिकों की मौत हो गई. वहीं अरनिया सेक्टर में भी पाकिस्तान की फायरिंग में दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई है.

वहीं, बीएसएफ के आईजी राम अवतार ने आरएस पुरा में पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन पर कहा, अगर वे हमें निशाना बना रहे हैं तो उन्हें ठीक जवाब मिल रहा है. हमें ऐसी घटनाओं की आशंका है क्योंकि ये फसल काटाई का सीजन है और ऐसे में वे हमेशा ऐसी शरारत करते हैं. (इनपुट: एजेंसी)