नई दिल्ली: घाटी सहित जम्मू कश्मीर के प्रत्येक हिस्से के लोगों के विकास के प्रति नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि राज्य में ‘‘आतंकवाद एवं अलगाववाद’’ को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को ‘‘कठोरता एवं कठिनाइयों’’ का सामना करना पड़ेगा. शाह ने यह भी कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग जब भी तैयार होगा, केन्द्र सरकार एक दिन की भी देरी नहीं करेगी.

अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि तीन जनवरी 2019 तक बढ़ाने संबंधी संकल्प तथा जम्मू और कश्मीर आरक्षण विधेयक (संशोधन) विधेयक 2019 पर एक साथ हुई चर्चा के जवाब में राज्यसभा में यह बात कही. गृहमंत्री के जवाब के बाद सदन ने इस संकल्प और विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. लोकसभा इन्हें पहले ही पारित कर चुकी है. उच्च सदन ने अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश प्रस्ताव को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया.

इससे पहले शाह ने चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें यह बात सर्वमान्य रूप से सामने आयी है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. यह संदेश जम्मू कश्मीर मुद्दे का हल निकालने और घाटी के लोगों का मनोबल बढ़ाने में मददगार होगा. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर देश का अभिन्न अंग है और इसे हिन्दुस्तान से कोई अलग नहीं कर सकता.’’ उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति ‘‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’’ की नीति है और हम उसको हर पल निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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