बैंकॉक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में ‘सवास्दी पीएम मोदी’ (SawasdeePMModi) कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि थाईलैंड के कण-कण में अपनापन नजर आता है. थाईलैंड में भारतीयता की महक हम जरूर महसूस करते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को तीन दिन की यात्रा पर यहां पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी यहां 16वें आसियान- भारत शिखर सम्मेलन, 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) की तीसरी शिखर बैठक में भाग लेंगे.

बैंकॉक, थाईलैंड में #SawasdeePMModi कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए, मैं आज आप सभी के बीच थाईलैंड में हूं. उन्होंने कहा, “लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं किसी विदेशी भूमि में हूं. यहाँ का माहौल, पोशाक, सब कुछ मुझे घर जैसा महसूस कराता है.”

पीएम ने कहा, “भारत के लिए थाईलैंड के शाही परिवार की आत्मीयता, हमारे गहरे मैत्रीपूर्ण और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है. महा चक्री सिरिनधर संस्कृत भाषा की विद्वान हैं और संस्कृति में उनकी गहरी रुचि है.” पीएम ने आगे कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि भारत ने पद्म भूषण पुरस्कार और संस्कृत सम्मान के माध्यम से उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया है.

1. भारत-थाईलैंड के रिश्ते बेहद अटूट
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और थाईलैंड का संबंध किसी विशेष सरकार के कारण नहीं है. उन्होंने कहा कि इस संबंध के लिए किसी भी सरकार को श्रेय नहीं दिया जा सकता. अतीत में दो देशों के बीच साझा किए गए हर पल ने इस संबंध को बनाया और मजबूत किया. पीएम ने कहा, “हम (भारत और बैंकॉक) न केवल भाषा के आधार पर, बल्कि भावनाओं के भी एक-दूसरे के बहुत करीब हैं. आपने मुझे ‘सवास्दी मोदी’ कहा, इसका संस्कृत शब्द ‘स्वस्ति’ से संबंध है जिसका अर्थ है कल्याणकारी.”

2. नए भारत के निर्माण में लगा है भारतीय समुदाय
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले पाँच सालों में मैंने बहुत से देशों की यात्रा की है. हर जगह भारतीय समुदाय से मिलने की कोशिश करता हूँ. लेकिन जब भी ऐसी मुलाकात हुई है, हरेक में मैंने देखा कि भारतीय समुदाय में भारत और उनके मेजबान देश की सभ्यताओं का संगम होता है. मुझे इस बात की भी खुशी होती है कि विश्व में जहां भी भारतीय हैं, वे भारत से संपर्क में रहते हैं. भारत में क्या हो रहा है, इसकी खबर रखते हैं. वे अपने विदेशी मित्रों से कह सकते हैं, देखो – मैं भारतीय मूल का हूँ और मेरा भारत कैसी तेजी से, कितना आगे बढ़ रहा है. और वे सही कहते हैं.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 130 करोड़ भारतीय आज नए भारत के निर्माण में लगे हुए हैं.

पीएम ने भारतीय समुदाय के लोगों को बताया, “आप संभवत: जानते होंगे कि इस साल के आम चुनावों में इतिहास में सबसे ज़्यादा 60 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले. लेकिन क्या आप ये भी जानते हैं कि भारत के इतिहास में पहली बार महिला मतदाताओं की संख्या, करीब-करीब पुरुषों के बराबर रही? इतना ही नहीं, इस बार पहले से कहीं ज़्यादा महिला MP लोक सभा में चुन कर आईं है.”

3. उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं जो कभी असंभव
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा, “भारत में छह दशक बाद किसी सरकार को पाँच साल का टर्म पूरी करने के बाद पहले से भी बड़ा मैंडेट मिला है. इसकी वजह है, पिछले पाँच साल में भारत की उपलब्धियां. लेकिन इसका एक अर्थ यह भी है कि भारत के लोगों की अपेक्षाएँ और आशाएँ और बढ़ गई हैं.” पीएम ने कहा कि अब हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं जो कभी असंभव लगते थे. आप सभी इस बात से परिचित हैं कि आतंक और अलगाव के बीज बोने वाले एक बहुत बड़े कारण से देश को मुक्त करने का निर्णय भारत ने लिया है.

4. गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
पीएम ने कहा कि हाल में ही, गांधी जी की 150वीं जयंती पर, भारत ने खुद को खुले में शौच फ्री घोषित किया है। इतना ही नहीं, आज भारत के गरीब से गरीब का किचन Smoke Free हो रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुआ कहा कि 8 करोड़ घरों को हमने 3 साल से भी कम समय में मुफ्त LPG गैस कनेक्शन दिए हैं. यह संख्या थाईलैंड की आबादी से बड़ी है. बीते 5 सालों में हमने हर भारतीय को बैंक खाते से जोड़ा है, बिजली कनेक्शन से जोड़ा है और अब हर घर तक पर्याप्त पानी के लिए काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2022 तक हर गरीब को अपना पक्का घर देने के लिए भी पूरी शक्ति के साथ प्रयास किया जा रहा है. मुझे विश्वास है कि भारत की इन उपलब्धियों के बारे में जब आप सुनते होंगे तो गर्व की अनुभूति और बढ़ जाती होगी.

5. संत थिरू वल्लुवर को किया याद
थोड़ी देर पहले भारत के दो महान सपूतों, दो महान संतों से जुड़े स्मारक चिन्ह रिलीज करने का अवसर मुझे मिला है. मुझे याद है कि 3-4 साल पहले संत थिरु वल्लुवर की महान कृति थिरुक्कुराल के गुजराती अनुवाद को लॉंच करने का अवसर मुझे मिला था. उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, संत थिरू वल्लुवर कहते हैं- ​ताड़ात्रि दंड पोरूड़ेल्ल, डक्करक्क वेल्ड़ामि सइदर पुरूट्ट. यानि योग्य व्यक्ति परिश्रम से जो धन कमाते हैं उसे दूसरों की भलाई में लगाते हैं. भारत और भारतीयों का जीवन आज भी इस आदर्श से प्रेरणा लेता है.”

6. गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव को लेकर कही ये बात
मोदी ने कहा कि आज गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में स्मारक सिक्के भी जारी किए गए हैं. मुझे बताया गया कि यहां बैंकॉक में गुरु नानक देव जी का ‘पाँच सौवां’ प्रकाशोत्सव बहुत धूम-धाम से मनाया गया था. “मुझे विश्वास है कि उनका ‘पांचसौ पचासवां’ प्रकाशोत्सव उससे भी भव्य तरीके से मनाया जाएगा. यहां सिख समुदाय ने फित्सानुलोक – या विष्णुलोक- में जो गुरुनानक देव जी गार्डन बनाया है, वो सराहनीय प्रयास है. इस पवित्र पर्व के मौके पर भारत सरकार बीते एक वर्ष से बैंकॉक सहित पूरे विश्व में कार्यक्रम आयोजित कर रही है. गुरु नानक देव जी सिर्फ भारत के, सिख पंथ के ही नहीं थे, बल्कि उनके विचार पूरी दुनिया, पूरी मानवता की धरोहर हैं. पीएम ने कहा कि आपको इस बात की भी जानकारी होगी कि कुछ दिनों बाद करतारपुर साहेब से भी अब सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होने वाली है. 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद अब भारत से श्रद्धालु सीधे करतारपुर साहेब जा सकेंगे.

7. भगवान बुद्द को भी किया याद
पीएम ने आगे कहा, “भारत में भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थलों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है. लद्दाख से लेकर बोधगया, सारनाथ से सांची तक, जहां-जहां भगवान बुद्ध के स्थान हैं, उनकी कनेक्टिविटी के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं.”

8. भारत में बढ़ रहा है टूरिज्म
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे विश्वास है कि जब आप सभी, थाईलैंड के अपने मित्रों के साथ वहां जाएंगे, तो एक अभूतपूर्व अनुभव आपको मिलेगा. बीते 4 साल में भारत ने ट्रेवल और टूरिज्म के ग्लोबल इंडेक्स में 18 रैंक का जंप लिया है. आने वाले समय में टूरिज्म के ये संबंध और मजबूत होने वाले हैं.

9. आसियान देशों के साथ अपने सम्बन्धों को बढ़ावा देना प्राथमिकता
उन्होंने कहा, “आसियान देशों के साथ अपने सम्बन्धों को बढ़ावा देना हमारी सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकताओं में है. इसके लिए हमने Act East Policy को विशेष महत्व दिया है. पिछले साल, भारत-आसियान dialogue partnership की silver जुबिली थी. फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो या फिर Digital Infrastructure, आज भारत की World Class सुविधाओं का विस्तार हम थाइलैंड और दूसरे आसियान देशों को जोड़ने में भी कर रहे हैं. एयर हो, सी हो या फिर रोड कनेक्टिविटी, भारत और थाईलैंड बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. आज हर हफ्ते करीब 300 फ्लाइट्स दोनों देशों के बीच चल रही हैं. भारत के 18 Destinations आज थाईलैंड से सीधे कनेक्टेड हैं.

10. थाईलैंड में भारत घूमने जैसा
पीएम ने कहा, “आज स्थिति ये है कि दोनों देशों के किसी भी दो डेस्टीनेशन के बीच एवरेज फ्लाइट टाइम 2 से 4 घंटे है. ये तो ऐसा ही है जैसे आप भारत में ही दो जगहों के बीच Fly कर रहे हों. नॉर्थ ईस्ट इंडिया को हम साउथ ईस्ट एशिया के गेटवे के तौर पर डेवलप कर रहे हैं. भारत का ये हिस्सा हमारी Act East Policy और थाइलैंड की Act West Policy, दोनों को ताकत देगा. एक बार भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाईवे यानि Trilateral Highway शुरु हो जाएगा तो नॉर्थ ईस्ट इंडिया और थाईलैंड के बीच सीमलेस कनेक्टिविटी तय है. इससे इस पूरे क्षेत्र में ट्रेड भी बढ़ेगा, टूरिज्म भी और ट्रेडिशन को भी ताकत मिलेगी.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम भारत में टैलेंट को, इनोवेटिव माइंड्स को एनकरेज कर रहे हैं. इनफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में भारत जो काम कर रहा है, उसका लाभ थाईलैंड को भी मिले, इसके लिए भी प्रयास चल रहे हैं. हाल में हमारी सरकार ने भारत और आसियान देशों के बीच रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक अहम फैसला लिया है. हमने तय किया है कि आसियान देशों के 1 हज़ार युवाओं के लिए IITs में Post-Doctoral Fellowship दी जाएगी. बीते 5 सालों से हमने ये निरंतर प्रयास किया है कि दुनिया भर में बसे भारतीयों के लिए सरकार हर समय उपलब्ध रहे और भारत से उनके कनेक्ट को मजबूत किया जाए. इसके लिए OCI Card स्कीम को अधिक Flexible बनाया गया है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि “हमने हाल ही में फैसला लिया है कि ओसीआई कार्ड होल्डर भी न्यू पेंशन स्कीम में एनरोल कर सकते हैं. हमारी एंबैसीज आपसे जुड़े मुद्दों को सुलझाने में अब अधिक प्रोएक्टिव हैं और 24 घंटे अवेलबल हैं.” उन्होंने कहा कि आज अगर भारत की दुनिया में पहुंच बढ़ी है तो, इसके पीछे आप जैसे साथियों का बहुत बड़ा रोल है. इस रोल को हमें और सशक्त करना है. एक बार फिर आप सभी का यहां आने के लिए आभार व्यक्त करता हूं.”