अहमदाबाद:  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि बीजेपी और राष्ट्रीय आरएसएस ने उन्हें उनकी वैचारिक लड़ाई को जारी रखने और उसे जनता के बीच ले जाने के लिए एक मंच प्रदान किया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि वह आरएसएस और भाजपा के खिलाफ उनकी वैचारिक लड़ाई जनता के समक्ष ले जाने का अवसर देने के लिए आरएसएस-भाजपा के अपने विरोधियों को धन्यवाद देना चाहते हैं. वहीं, उन्‍होंने कर्नाटक संकट पर कहा कि भाजपा जहां भी सरकार गिरा सकती है, वहां इसके लिए धन बल या डर का इस्तेमाल कर रही है.

गांधी ने ट्वीट किया, “मेरे राजनीतिक विरोधियों आरएसएस/बीजेपी द्वारा मेरे खिलाफ दायर एक अन्य मामले में पेश होने के लिए मैं आज यहां अहमदाबाद आया हूं.” उन्होंने कहा, “मैं उन्हें यह मंच प्रदान करने के लिए और यह अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं, जिसके जरिए मैं उनके खिलाफ मेरी वैचारिक लड़ाई को जनता के बीच ले जा सकता हूं.”

मानहानि मामला: राहुल ने खुद को निर्दोष बताया, जमानत मिली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अहमदाबाद की एक अदालत में अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में शुक्रवार को खुद को निर्दोष बताया और इसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. इस बैंक के निदेशकों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं, जबकि इसके चेयरमैन अजय पटेल हैं.

बैंक पर 750 करोड़ रुपए के नोटों की बदली का आरोप
बैंक ने गांधी के खिलाफ मानहानि मामला इसलिए दायर किया, क्योंकि कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बैंक ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के पांच दिन के अंदर 750 करोड़ रुपए के प्रचलन से बाहर हुए नोटों को वैध नोटों से बदला था.

राहुल ने खुद को बताया निर्दोष
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एन बी मुंशी ने शुक्रवार को अदालत में पेश हुए गांधी से पूछा कि क्या वह आरोप स्वीकार करते हैं, इस पर गांधी ने खुद को निर्दोष बताया. इसके बाद उनके वकील ने जमानत के लिए आवेदन दिया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया. गांधी ने पिछले साल ट्वीट करके आरोप लगाए थे.

पहली नजर में कुछ साक्ष्‍य मिले थे
अदालत ने 9 अप्रैल को उन्हें सम्मन जारी किया था. अदालत ने पहली नजर में उनके खिलाफ कुछ साक्ष्य मिलने के बाद सम्मन जारी किया था. शिकायतकर्ता ने कहा था कि कांग्रेस नेता ने बैंक के खिलाफ झूठे और मानहानिपूर्ण आरोप लगाए हैं. सम्मन जारी करने से पहले, अदालत ने यह फैसला करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत जांच की थी कि उनके खिलाफ कार्यवाही के पर्याप्त आधार हैं या नहीं. गांधी का आरोप नाबार्ड द्वारा एक आटीआई आवेदन पर दिए गए जवाब पर आधारित है, जबकि इस बैंक ने इस बात से इंकार किया है कि उसने इतनी बड़ी संख्या में प्रचलन से बाहर हुए नोट बदले थे.

राहुल के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं
राहुल यहां अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक से संबंधित मानहानि के मामले के सिलसिले में पहुंचे थे. गांधी, सहकारी बैंक और उसके अध्यक्ष से संबंधित मानहानि मामले के बारे में शहर की एक अदालत में पेश हुए. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ कम से कम 20 मामले दर्ज हैं.

कहा था- चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता हैं?
गांधी देशभर में कई मानहानि मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा दायर एक मामला भी शामिल है. सुशील मोदी का मामला गांधी की उस व्यंग्यात्मक टिप्पणी पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है.

मुंबई में संघ/बीजेपी के मामले में पेश हुए थे
राहुल के खिलाफ एक अन्य मामला मुंबई की अदालत में दायर हुआ है, जो उनके पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को आरएसएस-भाजपा विचारधारा से जोड़ने वाले बयान से संबंधित है. पिछले हफ्ते, गांधी मुंबई की एक अदालत और पटना की अदालत के सामने अपने खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमों में पेश हुए थे.