नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों को लेकर किसान लगभग 50 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. आज किसान यूनियन के नेताओं और सरकार के बीच नवें दौर की वार्ता विज्ञान भवन पर हुई. किसानों और सरकार के बीच आज भी बैठक अब खत्म हो चुकी है और आज की बातचीत भी पूरी तरह से बेनतीजा रही. अब किसानों और सरकार के बीच अगले दौर की बातचीत 19 जनवरी को दोपहर 12 बजे होगी. किसानो नेताओं और सरकार के बीच 19 जनवरी को दसवें राउंड की बातचीत होगी. Also Read - अरविंद केजरीवाल ने कहा- किसानों के लिए डेथ वारंट हैं कृषि कानून, लाल किले पर बीजेपी ने कराई थी हिंसा

किसान नेता लगातार कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर डटे हुए हैं. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार अपना समय बर्बाद कर रही है और जब तक काले कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक किसी भी हालत में आंदोलन खत्म नहीं होगा. Also Read - Kisan Andolan: राकेश टिकैत ने फिर दी चेतावनी! कानून वापस नहीं हुआ तो संसद का करेंगे घेराव, इस बार 4 लाख नहीं बल्कि...

सरकार लगातार किसानों को समझाने और मनाने में लगी हुई है. सरकार की तरफ से किसानों की कई बातों को माना भी गया, लेकिन किसान नेता अपनी मांगो को लेकर सख्त बने हुए हैं. इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी किसानों से अपने रुख में नरमी लाने की अपील की.

केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर, रेलवे, वाणिज्य एवं खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री तथा पंजाब से सांसद सोम प्रकाश ने करीब 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ शुक्रवार को विज्ञान भवन में नौवें दौर की वार्ता शुरू की. भोजनावकाश से पहले तीनों कृषि कानूनों के बारे में चर्चा हुई.

इससे पहले, आठ जनवरी को हुई वार्ता बेनतीजा रही थी. पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं के पास पिछले एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

आठ जनवरी की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका था क्योंकि केंद्र सरकार ने तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया था और दावा किया था कि इन सुधारों को देशव्यापी समर्थन प्राप्त है. वहीं किसान नेताओं ने कहा कि वह अंत तक लड़ाई के लिये तैयार है और कानूनी वापसी के बिना घर वापसी नहीं होगी.