अमृतसर: यूनाइटेड अकाली दल के नेता सतनाम सिंह मनावा ने शुक्रवार को गुरु नानक की 550 वीं जयंती पर पाक दौरे के लिए पंजाब सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान द्वारा वीजा देने से इनकार करने पर निराशा व्यक्त की. यूएडी के संयोजक मनावा ने पाकिस्तान उच्चायोग के कदम की आलोचना की और इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया. उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से करतारपुर कॉरिडोर के लिए 20 अमेरिकी डॉलर के शुल्क में छूट का आग्रह भी किया.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पाकिस्तान में श्री ननकाना साहिब का दौरा करने के लिए वीज़ा देने से पाक के इनकार करने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इमरान खान 12 नवंबर को गुरु नानक की 550 वीं जयंती से पहले 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर खोलेंगे.

करतारपुर गलियारा मामले में सुखबीर बादल ने किया इमरान पर जुबानी हमला, कहा- इसे आय का साधन न बनाया जाए

भारत और पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते कॉरिडोर पर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता भारतीय तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव से जुड़े गुरुद्वारा दरबार साहिब में वीजा मुक्त यात्रा करने की अनुमति देगा. यह समझौता प्रतिदिन 5,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने की अनुमति देगा, जहां गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे.

यह कॉरिडोर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र 4 किलोमीटर दूर करतारपुर में दरबार साहिब के साथ भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक को जोड़ेगा. भारतीय मूल के सभी धर्मों के तीर्थयात्री कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं और यह यात्रा वीजा-मुक्त होगी. प्रत्येक आगंतुक को शुल्क के रूप में 20 अमेरीकी डालर का भुगतान करना होगा. हालांकि भारत ने पाकिस्तान से भारतीय तीर्थयात्रियों से शुल्क नहीं लेने का अनुरोध किया है.