जम्मू: जम्मू कश्मीर भाजपा ने शुक्रवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के “देशद्रोही’’ बयान के लिए उनकी गिरफ्तारी की मांग की. मुफ्ती ने कहा था कि वह तिरंगा झंडा तभी थामेंगी जब जम्मू कश्मीर को पूर्ववर्ती राज्य का झंडा वापस मिल जाएगा. भाजपा ने कहा कि “धरती की कोई ताकत” वह झंडा फिर से नहीं फहरा सकती और अनुच्छेद 370 को वापस नहीं ला सकती. Also Read - सीमा पर आकंवाद एक गंभीर खतरा बना हुआ है, DDC चुनावों को भी बाधित करने की हो रही कोशिश: एम एम नरवणे

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने संवाददाताओं से कहा, “मैं उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अनुरोध करता हूं कि वह महबूबा मुफ्ती के देशद्रोही बयान का संज्ञान लें और उन्हें सलाखों के पीछे डालें.” Also Read - Jammu and kashmir DDC Polls: जम्मू कश्मीर की 43 सीटों पर आज जिला विकास परिषद के चुनाव, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जानें ताजा अपडेट

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने भी महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है. जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति (जेकेपीसीसी) ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा तिरंगे झंडे को लेकर दिए गए बयान की शुक्रवार को कड़ी निंदा की और कहा कि यह स्वीकार करने योग्य नहीं है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. Also Read - J&K Latest News: महबूबा मुफ्ती बोलीं- दो दिन से अवैध हिरासत में हूं, पुलिस का जवाब- नजरबंद नहीं हैं

जेकेपीसीसी के अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने कहा, ‘ ऐसे बयान किसी भी समाज में बर्दाश्त करने लायक नहीं हैं और अस्वीकार्य हैं.’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान का प्रतीक है. शर्मा ने कहा, ‘ उन्हें (महबूबा) इस तरह के अपमानजनक बयानों से बचना चाहिए.’

पीडीपी अध्यक्ष ने 14 महीने की नजरबंदी से रिहा होने के बाद पहली बार संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह तिरंगा तभी थामेंगी जब पूर्ववर्ती राज्य का झंडा बहाल हो जाएगा. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर को लेकर पिछले साल पांच अगस्त को संविधान में किए गए बदलावों को वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक उन्हें चुनाव लड़ने अथवा तिरंगा थामने में कोई दिलचस्पी नहीं है.