मुंबई: पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयम सिंह को एक स्थानीय अदालत ने रविवार को नौ अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया. बैंक में 4,355 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. सिंह (68) को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शनिवार को माहिम चर्च इलाके से गिरफ्तार किया था. इस मामले में पुलिस हिरासत में वह चौथे व्यक्ति हैं.

आर्थिक अपराध शाखा इस मामले में बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और हाउसिंग डेवलपमेट ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) समूह के प्रमोटरों राकेश तथा सारंग वधावन को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

सिंह के वकील ने रविवार को अदालत से कहा कि पीएमसी का प्रबंध निदेशक रहने के नाते थॉमस घोटाले के लिये जिम्मेदार हैं और एचडीआईएल को ऋण आवंटित करने में उनके मुवक्किल की कोई भूमिका नहीं थी. गौरतलब है कि आर्थिक अपराध शाखा ने बैंक को 4,355.43 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में एचडीआईएल और पीएमसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है.

शुक्रवार को अदालत को बताया गया कि 31 मार्च, 2018 को समाप्त वर्ष के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को सौंपे गए ऋण खातों के विवरण में पीएमसी ने एचडीआईएल और उस समूह के 44 ऋण खातों को 21,049 फर्जी ऋण खातों में बदल दिया. उन ऋणों का ब्यौरा कोर बैंकिंग सिस्टम में दर्ज नहीं किया गया, जबकि बैंक के निदेशक मंडल और अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी थी.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी धनशोधन कानून के तहत अलग जांच कर रहा है. ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए मुंबई और आस-पास के छह ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की. बैंक घोटाले के प्रकाश में आने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक से नकद लेन-देन पर प्रतिबंध लगा दिया है जिससे पीएमसी बैंक में रुपये जमा करने वाले लोगों में दहशत फैल गई.

(इनपुट-भाषा)