नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मेट्रो सेवाओं को बाधित करने और सड़क पर कूड़ा फेंक कर लोगों को असुविधा पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की एक पीठ ने इन प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी लोगों को जेल भेज दिया जाना चाहिए. Also Read - Tractor Rally: दिल्‍ली में ट्रैक्टर रैली पर पुलिस- किसान नेताओं के बीच नहीं बनी बात, मीटिंग बेनतीजा

जनहित याचिका पर कोर्ट ने  की सुनवाई
पीठ ने एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और दिल्ली पुलिस को अपना रूख बताने की मांग करते हुए उन्हें नोटिस भी जारी किया. याचिका के जरिए उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है, जिन्होंने 31 मई को शहर में मेट्रो सेवाओं को कथित तौर पर बाधित किया था. बता दें कि द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग के मुद्दे को लेकर डीएमआरसी और सीआईएसएफ के कर्मचारियों के बीच झड़प होने के बाद दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर कुछ घंटों तक सेवाएं प्रभावित रही थीं. Also Read - Farmers Meeting Today 21 January 2021: सरकार के प्रस्ताव से किसान खुश, क्या कल खत्म हो जाएगा आंदोलन

दोनों मामलों की सुनवाई हो साथ
पूरण चंद आर्या द्वारा दायर इस याचिका को अदालत ने एक दूसरी याचिका के साथ संबद्ध कर दिया, जो नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद् के अनुबंध वाले सफाई कर्मियों द्वारा 24 मई को किए गए विरोध के संबंध में था. इन सफाई कर्मियों ने अपनी सेवा नियमित करने और बेहतर मेहनताने की मांग करते हुए शास्त्री भवन और रेल भवन जैसी प्रमुख सरकारी इमारतों के बाहर कूड़ा फेंक दिया था. पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जानी चाहिए. (इनपुट एजेंसी) Also Read - पुलिस की ज़मीन पर हुआ अतिक्रमण, जज बोलीं- मुझे ये सुनकर मज़ा आया, अब...