नई दिल्लीः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्ध में घायल हुए सैनिक और उनके परिवार के सरकारी आवास में रहने की अवधि बढ़ाने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत वह तीन महीने से एक साल तक सरकारी आवास में रह सकेंगे. बुधवार को इस संबंध में जारी एक संशोधित विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी.

इस संशोधित विज्ञप्ति को जारी किए जाने के पहले कई पूर्व सैनिकों ने सोशल मीडिया(Social Media) पर रक्षा मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान पर ऐतराज जताया. उस बयान में भूलवश कहा गया था कि सिंह ने युद्ध में मारे गए जवानों के परिवारों के लिए सरकारी आवास रखने की अवधि वर्तमान तीन महीने से बढ़ाकर एक वर्ष करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दी गयी है.

सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों ने कहा कि इस तरह की सुविधा मृतक सैनिकों के परिवारों के लिए पहले से उपलब्ध है. वर्तमान में, नियमों के मुताबिक शहीद हुए सैनिकों के परिजन और विधवाओं को दो साल तक सरकारी आवास में रहने की सुविधा मिलती है जिसे मामले की स्थिति को देखते हुए डेढ़ साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है.

रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि मंगलवार की प्रेस विज्ञप्ति में गलती से कुछ विवरण का जिक्र हुआ और भूल के लिए गहरा खेद है .