तिरूपति (आंध्रप्रदेश): तिरूमला के पास भगवान वेंकटेश्वर के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर को 11 जून को खोल दिया जाएगा लेकिन हर दिन सीमित संख्या में ही भक्त दर्शन कर पाएंगे. लॉकडाउन के कारण मंदिर को बंद कर दिया गया था. प्राचीन मंदिर का प्रबंधन देखने वाले तिरूमला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 के मद्देनजर केवल 6,000 श्रद्धालुओं को ही अनुमति दी जाएगी. इस दौरान श्रद्धालु आपस में दूरी बनाए रखेंगे और उन्हें मास्क भी पहनना होगा. आम दिनों में यहां 60,000 से ज्यादा लोग एक दिन में दर्शन के लिए आते हैं. Also Read - Hyderabad Lockdown News: सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #whereisKCR, भाजपा नेता ने लगाया आरोप

इस बीच, मंदिर के एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि लॉकडाउन में अभी तक दो हजार साल पुराने इस मंदिर को करीब 500 करोड़ रूपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. टीटीडी के अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी, कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल और अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी ए वी धर्मा रेड्डी ने तिरूमला में संवाददता सम्मेलन को संबोधित किया. Also Read - Delhi Covid-19 Latest Situation: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, अब इन लोगों के लिए आवश्यक होगी रैपिड एंटीजन जांच

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर 20 मार्च से ही बंद है और 11 जून से पाबंदी खत्म हो रही है. हर दिन सुबह से 13 घंटे के लिए हर घंटे केवल 500 से कम लोगों को ही जाने की अनुमति होगी. उन्होंने कहा कि 10 साल के कम उम्र के बच्चों और 65 साल से अधिक के बुजुर्गों को मंदिर में जाने की इजाजत नहीं होगी. श्रद्धालुओं को संभालने के काम में जुटे टीटीडी के सारे कर्मचारी पीपीई किट पहने रहेंगे. Also Read - मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के गंभीर हालात के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार जिम्मेदार: नरोत्तम मिश्रा

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को अनुमति देने के पहले टीटीडी देखेगा कि वे कहां से आए हैं. इसके अलावा औचक तौर पर कोविड-19 की जांच भी होगी. बुखार के लक्षण पाए जाने पर उन्हें पृथक-वास के लिए भेज दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि हर दिन दर्शन के लिए कुल 3,000 विशेष टिकट ऑनालाइन तरीके से उपलब्ध होंगे. एक टिकट की कीमत 300 रुपये होगी. दर्शन के लिए बाकी 3,000 कोटा इससे अलग होगा और श्रद्धालु उपलब्ध समय के लिए पंजीकरण करा सकेंगे. दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट की बिक्री आठ जून से शुरू होगी.