Coronavirus in India कोरोना वायरस के बेतहाशा मामलों से निपटने के लिए भारत की मदद करने के वास्ते विश्व समुदाय ने जरूरी चिकित्सा आपूर्ति, राहत सामग्री, जीवन रक्षक दवाओं के साथ- साथ आर्थिक मदद बृहस्पतिवार को रवाना की. भारत कोरोना वायरस की दूसरी भीषण लहर से जूझ रहा है और बीते कुछ दिनों से देश में रोजाना तीन लाख से अधिक मामले आ रहे हैं जबकि अस्पताल ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी का सामना कर रहे हैं.Also Read - Monkeypox Disease: यौन संबंध बनाने से भी फैल सकता है 'मंकीपॉक्स' वायरस, विशेषज्ञों ने चेताया

अमेरिका ने कहा कि वह 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य की कोविड-19 राहत सामग्री आने वाले दिनों में भारत भेजेगा. जरूरी स्वास्थ्य आपूर्ति लेकर पहली उड़ान दक्षिण एशियाई मुल्क के लिए रवाना हो गई है. अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) ने बताया कि दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य विमान बुधवार रात को ट्रैविस वायु सेना अड्डे से रवाना हुआ जिसके बृहस्पतिवार रात तक भारत पहुंचने की उम्मीद है. उसने बताया कि इसमें 440 ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर हैं जिन्हें अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया ने दान किया है. Also Read - युवा शिविर में बोले पीएम मोदी, भारत आज दुनिया की नई उम्मीद बनकर उभरा है

इसके अलावा, पहली उड़ान में यूएसएआईडी ने कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार को रोकने में मदद करने के लिए 960,000 ‘रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट’ किट भेजी हैं जिससे संक्रमण की शुरुआत में ही पहचान हो जाएगी. साथ में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 100,000 एन95 मास्क भी भेजे हैं. Also Read - भारत ने पहली स्‍वदेशी एंटी शिप मिसाइल का सफलतापूर्वक एयर लॉन्च किया, देखें टेस्‍ट का वीडियो

व्हाइट हाउस के मुताबिक, 1100 सिलेंडरों की शुरुआती आपूर्ति की गई है जो भारत में रहेंगे और उन्हें स्थानीय आपूर्ति केंद्रों से भरवाया जा सकता है. अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने भी स्थानीय तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे हैं जिन्हें भारत सरकार को दिया जाएगा. बाइडन प्रशासन ने एक्सट्राजेनेका को दिए अपने आर्डर में बदलाव किया है जिससे भारत कोविड-19 रोधी टीके की दो करोड़ खुराकें बना सकेगा. इसके अलावा वह बड़ी संख्या में रेमडेसिविर इंजेक्शनों की आपूर्ति भारत को कर रहा है.

बांग्लादेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस नाजुक वक्त में भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और उसने अपने पड़ोसी देश को दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति भेजने की पेशकश की है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में जारी एक बयान में बताया कि इस आपूर्ति में एंटी वायरल दवाई की करीब 10,000 शीशियां, 30 हजार पीपीई किट तथा अन्य दवाइयां शामिल हैं.

रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्समबर्ग, सिंगापुर, पुर्तगाल, स्वीडन, न्यूजीलैंड, कुवैत और मॉरीशस सहित कई देशों ने महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए भारत को चिकित्सा सहायता की घोषणा की है. इस बीच नई दिल्ली में सूत्रों ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात से बृहस्पतिवार को 157 वेंटिलेटर समेत चिकित्सा आपूर्ति लेकर एक विमान भारत पहुंचा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र कोविड- 19 महामारी से निपटने में भारत की मदद करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और हजारों ऑक्सीजन सांद्रक, ऑक्सजीन उत्पादन संयंत्र व अन्य जरूरी उपकरणों को भेजने के लिए उनकी खरीद कर रहा है.

गुतारेस के प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) 7,000 ऑक्सीजन सांद्रक, ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए 500 नेजल उपकरणों सहित अन्य सामान खरीद रहे हैं. इसके अलावा ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले संयंत्र, कोविड-19 जांच मशीन और पीपीपी किट की मदद भी पहुंचाई जा रही है.

(इनपुट भाषा)