बिहारशरीफ: जेएनयू के पूर्व छात्र अध्यक्ष और भाकपा नेता कन्हैया कुमार सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ देश भर में चल रहे आंदोलन और प्रदर्शन में खूब सक्रिय हैं. कन्हैया के तेवर से पूरा देश वाकिफ है. उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र में वर्तमान में सत्तासीन लोग देश की आजादी से पहले के अंग्रेजों के साथ “चाय पे चर्चा” किया करते थे और अब वे अपने विभाजनकारी रणनीति के तहत सांप्रदायिकता को हवा देने में व्यस्त हैं. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

अपनी राज्यव्यापी “जन गण मन यात्रा” के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैतृक जिला नालंदा में कन्हैया ने कहा कि इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा जो जुल्म होते सुनते और देखते रहे, पर खामोश और उदासीन रहे. उन्होंने कहा कि हमें अपने सामने आने वाली समस्या की गंभीरता का एहसास करना चाहिए. पूरे राष्ट्र को हिंदू बनाम मुस्लिम बहस में धकेला जा रहा है और यह ब्रिटिश राज को बहुत पसंद था जब वे सत्ता में थे. कन्हैया ने दावा किया कि 1947 में हमने जो आजादी हासिल किया था और आजादी के तीन साल बाद लागू हुआ संविधान दोनों आज दांव पर हैं. Also Read - सोनिया गांधी ने पीएम का समर्थन किया, कहा- लॉकडाउन सही लेकिन किसानों-छोटे कारोबारियों को राहत दे सरकार

नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र और आरएसएस पर अंग्रेजी सत्ता के साथ निकटता का आरोप लगाते हुए कन्हैया ने कहा “याद रखें कि जो केंद्र में सत्ता में हैं, उनकी विशेषता अंग्रेजों से मेल खाती है और जब देश के बाकी लोग स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने में व्यस्त थे तो वे अंग्रेजों के साथ चाय पे चर्चा किया करते थे.’ कन्हैया की यह जन गण मन यात्रा 27 फरवरी को पटना के गांधी मैदान में एक रैली के साथ समाप्त होगा. Also Read - मोदी सरकार का ऐलान, 80 करोड़ लोगों को हर महीने मिलेगा सात किलो राशन

इनपुट-एजेंसी