नई दिल्ली. गुजरात के पोरबंदर के माधवपुर-घेड़ में लगने वाले मेले में आगामी 25 मार्च को एक भव्य शादी समारोह का आयोजन होने जा रहा है. रोचक बात यह है कि इस मेले में भगवान कृष्ण और देवी रुक्मिणी की शादी होगी. यह मेला गुजरात और देश के पूर्वोत्तर के चार राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों का पुल बनेगा. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक प्रदेश सरकार के इस शानदार आयोजन के गवाह बनेंगे उत्तर-पूर्व के 4 राज्यों के मुख्यमंत्री और वहां के राज्यपाल. साथ ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस समारोह में शिरकत करेंगी. गुजरात सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार के उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ देश के अन्य राज्यों का संबंध स्थापित करने की दिशा में इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है. पहले इस मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शामिल होना था, लेकिन अंतिम क्षणों में उनका आना स्थगित हो गया. Also Read - CoronaVaccine Kerala Model: कोरोना वैक्सीन की एक-एक बूंद का केरल सरकार ने ऐसा क्या किया, पीएम मोदी भी हो गए खुश

रुक्मिणी का गुजरात से क्या है संबंध
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी रुक्मिणी अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली थीं. कथाओं के अनुसार रुक्मिणी के पिता राजा भीष्मका थे जो उनकी शादी चेदी नरेश शिशुपाल के साथ कराना चाहते थे. कहा जाता है कि महाभारत काल का चेदी नामक स्थान वर्तमान में मध्यप्रदेश में है. अपने पिता की इच्छा के विपरीत देवी रुक्मिणी शिशुपाल के साथ शादी नहीं करना चाहती थी, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि शिशुपाल ही अपने पूर्व जन्म में रावण था. देवी रुक्मिणी की इस इच्छा का पता चलने के बाद भगवान कृष्ण उन्हें गुजरात ले आए और माधवपुर-घेड़ में उनके साथ शादी की. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘देवी रुक्मिणी का संबंध अरुणाचल प्रदेश के इडु मिशमी समुदाय से है. वह मिश्वाकनगर नामक स्थान पर रहती थीं. भगवान कृष्ण उन्हें माधवपुर-घेड़ लाए थे और यहां उनके साथ शादी की थी. माधवपुर-घेड़ में होने वाले मेले में इस धार्मिक आख्यान की प्रस्तुति भी की जाएगी.’ Also Read - Corona Virus In India: PM मोदी ने दिए संकेत, कोरोना की तीसरी लहर से पहले ले सकते हैं कड़े फैसले

कृष्ण-रुक्मिणी.(फोटो साभारः जीन्यूज)

कृष्ण-रुक्मिणी.(फोटो साभारः जीन्यूज)

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समारोह में भाग लेंगे 500 कलाकार, 200 स्टॉल लगेंगे
माधवपुर-घेड़ में लगने वाले इस भव्य मेले में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा और असम के मुख्यमंत्री और राज्यपालों के शामिल होने की संभावना है. मेले में प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मानसिंह भी प्रस्तुति देंगी. वहीं, देश के विभिन्न इलाकों के 492 कलाकार भी इसमें अपने कार्यक्रम पेश करेंगे. राज्य पर्यटन विभाग के अनुसार माधवपुर-घेड़ मेले में 200 से ज्यादा स्टॉल भी लगाए जाएंगे. प्रदेश के खेल और संस्कृति मंत्रालय के प्रिंसिपल सेक्रेट्री वी.पी. पटेल ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘सरकार का उद्देश्य गुजरात और उत्तर-पूर्वी राज्यों की संस्कृतियों के बीच मेल-जोल बढ़ाना है. केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि माधवपुर-घेड़ मेले को राष्ट्रीय समारोह की तरह मनाया जाए.’ गुजराती साहित्य परिषद के सदस्य और धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ नरोत्तम पालन का कहना है, ‘गुजराती लोक संस्कृति के 500 साल पुराने एक लोक गीत, जो आज भी गाया जाता है, में यह बात कही गई है कि रुक्मिणी को माधवपुर-घेड़ के आसपास के गांव-समाज ने अपनी बेटी की तरह माना था.’

लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने किया था सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र
गुजरात के पूर्व सीएम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ गुजरात के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया था. नरेंद्र मोदी ने उस समय अरुणाचल प्रदेश में आयोजित एक रैली में कहा था, ‘अरुणाचल प्रदेश के एक आदिवासी समुदाय में ‘मोदी’ टाइटल का इस्तेमाल किया जाता है. यह दरअसल गुजरात में रहने वाले ‘मोदी’ समुदाय से संबंधित है.’ भगवान कृष्ण और अरुणाचल प्रदेश की राजकुमारी रुक्मिणी की शादी की बात भी प्रधानमंत्री मोदी ने बताई थी.