नई दिल्लीः भारत में कोविड-19 का पता लगाने के लिए की जा रही आरटी-पीसीआर जांच की संख्या शनिवार को दस लाख का आंकड़ा पार कर गई. कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 37,776 हो गये हैं. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम तक 10,40,000 जांच की जा चुकी हैं, जिनमें से 73,709 शुक्रवार को सुबह नौ बजे के बाद किए गए हैं. Also Read - बिहार में Coronavirus के 133 नए मामले, बढ़कर कुल 2870 हुए, पढ़े जिलेवार डिटेल

अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों में कोविड-19 जांच में काफी वृद्धि हुई है. आईसीएमआर के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए 31 मार्च तक 47,852 नमूनों की जांच की गई थी, जबकि 30 अप्रैल तक कुल 9,02,654 नमूनों की जांच की जा चुकी थी. Also Read - ब्रिटेन में पीएम के मुख्‍य सलाहकार ने किया था लॉकडाउन का उल्लंघन, उप मंत्री ने दिया इस्तीफा

एक मई से शनिवार शाम तक, कुल 1,37,346 जांच की गई है. अधिकारियों ने कहा कि शुरू में केवल पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के प्रयोगशाला में कोविड-19 की जांच शुरू हुई थी और लॉकडाउन की शुरुआत में 100 प्रयोगशालाओं में जांच होने लगी, लेकिन अब आरटी-पीसीआर जांच सुविधा अब देश भर में 292 सरकारी और 97 निजी अस्पतालों में उपलब्ध है. Also Read - प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, 28 मई को सुनवाई

भारत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अभी तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 37 हजार के पार पहुंच गई है. कोविड-19 के मरीजों का पता लगाने लिए देश भर में बड़ी संख्या में टेस्ट किए जा  रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हमने पहले से कहीं अधिक तेजी  के साथ संक्रमण के टेस्ट किए है.

मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया कि आगे आने वाले दिनों में इससे कही तेज वृद्धि के साथ कोरोना का परीक्षण किया जा जाएगा ताकि मरीजों को आसानी से तलाशा जा सके और संक्रमण के फैलाव को रोक सकें.