कोच्चि. केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक के.एम. शाजी (KM Shazi) के 2016 के विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिक प्रचार करने में शामिल रहने की शिकायत पर उनका चुनाव अवैध करार कर दिया है. न्यायमूर्ति पी.डी. राजन ने आझिकोड विधानसभा सीट से 2016 में जीत हासिल करने वाले शाजी को अयोग्य करार देते हुए उनके छह साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी. हालांकि न्यायाधीश ने बाद में शाजी के वकील की अर्जी पर अपने आदेश पर दो सप्ताह के लिए रोक लगा दी. याचिका में फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मांगा गया था.

कानून विशेषज्ञों ने कहा कि शाजी इस संक्षिप्त अवधि के लिए विधायक बने रहेंगे. कांग्रेस नीत विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट में साझेदार आईयूएमएल ने 2016 के चुनावों में 140 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें जीती थीं. आईयूएमएल के एक विधायक का पिछले साल निधन हो गया. अदालत ने शुक्रवार को केरल विधानसभा के अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग को भी उचित कार्रवाई करने को कहा. अदालत ने एलडीएफ उम्मीदवार एम. वी. निकेश कुमार की याचिका पर यह फैसला दिया. कुमार ने शाजी के खिलाफ चुनाव लड़ा था.

अदालत ने शाजी को निर्देश दिया कि वह कुमार को 50 हजार रुपए का हर्जाना अदा करें. हालांकि उसने कुमार की इस याचिका को खारिज कर दिया कि उसे चुनाव में विजयी घोषित किया जाए. राज्य में आईयूएमएल कांग्रेस-नीत विपक्ष यूडीएफ का हिस्सा है. कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि शाजी ने गलत तरीकों का इस्तेमाल कर 2,287 वोटों से जीत हासिल की.