Khel Ratna Award से राजीव गांधी का नाम हटा, अब मेजर ध्‍यानचंद के नाम पर दिया जाएगा, PM मोदी का ऐलान

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, '' मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे, जिन्होंने भारत के लिए सम्मान और गौरव लाया. यह सही है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा.''

Published date india.com Published: August 6, 2021 1:17 PM IST
Khel Ratna Award, Major Dhyan Chand, Major Dhyan Chand Khel Ratna Award, PM Modi
(फाइल फोटो)

Khel Ratna Award, Major Dhyan Chand, Major Dhyan Chand Khel Ratna Award, PM Modi, News:  देश का सर्वोच्‍च खेल रत्‍न पुरस्‍कार (Khel Ratna Award) अब पूर्व स्‍वार्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के नाम से नहीं दिया जाएगा. बल्कि हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद (Major Dhyan Chand Khel Ratna Award) के नाम से दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)  ने यह जानकारी ट्वीट करके दी है. बता दें क‍ि

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, ” मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे, जिन्होंने भारत के लिए सम्मान और गौरव लाया. यह सही है कि हमारे देश का सर्वोच्च खेल सम्मान उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा.”

देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए. लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है. जय हिंद!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें देश से भी नागरिकों के अनुरोध मिल रहे हैं कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जाए.  पीएम मोदी ने ट्वीट किया , ”उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा.  मेजर ध्यानचंद खेलों में भारत को गौरवान्वित और सम्मानित करने वाले अग्रणी खिलाड़ियों में से थे. देश के सर्वोच्च खेल सम्मान का नाम उनके नाम पर ही होना चाहिए.”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के प्रदर्शन ने पूरे देश को रोमांचित किया है. उन्होंने कहा कि अब हॉकी में लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है जो आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है.

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ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है. हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था. उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है.  विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए.

बता दें कि 1928 एम्सटरडम ओलंपिक में ब्रिटिश हुकूमत वाली भारतीय टीम ने फाइनल में नीदरलैंड को 3 . 2 से हराकर पहली बार ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता. भारतीय हॉकी को ध्यानचंद के रूप में नया सितारा मिला जिन्होंने 14 गोल किए थे. इसके बाद 1932 में लॉस एंजिलिस ओलं‍पिक में हॉकी टूर्नामेंट में सिर्फ तीन टीमें भारत, अमेरिका और जापान शामिल हुई थीं. भारतीय टीम 42 दिन का समुद्री सफर तय करके पहुंची और दोनों टीमों को हराकर खिताब जीता था. 1936 में बर्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने मेजबान जर्मनी को 8.1 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब जीता था.

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