नई दिल्ली. सीबीआई बनाम कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के मामले में सीएम ममता बनर्जी को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है. चीफ जस्टिस ने कहा कि पुलिस कमिश्नर सीबीआई के सामने पेश हों. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पश्चिम बंगला की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि जनता से बड़ा कोई बिग बॉग नहीं है. मैं राजीव कुमार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लड़ रही हूं. अवमानना की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि राजीव कुमार ने सीबीआई को 5 चिट्ठियां लिखी थीं. राजीव ने कभी जांच के लिए इनकार नहीं किया. ये जीत देश, संविधान और मीडिया की है.

सीबीआई ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि शारदा चिटफंड घोटाले के केस के सिलसिले में उसे कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ ‘ठोस सामग्री’ मिली है. लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और समन की अनदेखी कर रहे हैं. बता दें कि रविवार की शाम कोलकाता में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों को हिरासत में ले लिए जाने की घटना का ब्योरा देते हुए सीबीआई ने कहा कि वह कुमार के लिए यह आदेश मांग रही है कि वह तुरंत आत्मसमर्पण करें और खुद को घोटाले की जांच के लिए उपलब्ध कराएं.

रविवार रात से धरने पर बैठी हैं ममता
सीबीआई ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के डीजीपी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जैसे आला अधिकारियों के साथ कोलकाता में रविवार की रात करीब 10 बजे से बैठी हैं. वर्दीधारी कर्मियों का ऐसा बर्ताव ‘‘कोलकाता एवं पश्चिम बंगाल में कायम हो चुकी पूरी अराजकता’’ की तरफ इशारा करता है. जांच एजेंसी ने कुमार के आवास पर पहुंचने के अपने कदम को सही ठहराते हुए कहा कि बगैर वॉरंट के गिरफ्तार करने के लिए उसके पास ठोस सामग्री है और पुलिस आयुक्त देश के कानून का पालन करने के लिए बाध्य हैं.

ममता को कई पार्टियों का समर्थन
सीबीआई ने कहा कि रविवार को हुई ‘अभूतपूर्व घटनाओं’ के मद्देनजर उसने शीर्ष अदालत का रुख किया है. सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस के मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार से लोहा ले रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विभिन्न राजनीतिक दलों का जबर्दस्त समर्थन मिला है. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए इस समर्थन को ‘भ्रष्टों का गठबंधन’ करार दिया है.