नई दिल्ली: पंजाब के होशियारपुर में रहने वाले संत पुष्पिंदर महाराज पर हमला हुआ है. हमलावर हमला कर रुपए और कुछ सामान लूट गए हैं. संत के सिर में चोट लगी है. पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है. वहीं, इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई. इस पर संत ने दो टूक जवाब दिया है. Also Read - COVID19: पंजाब में बढ़ रहा पॉजिटिविटी रेट और मौतों का आंकड़ा, मध्‍य प्रदेश में कम होने का दावा

संत पुष्पिंदर महाराज ने कहा कि हमलावर सिर्फ लूट के मकसद से आए थे. वह ऐसे स्थानीय लोग थे, जो नशा करने के आदि थे. और सिर्फ रुपए लूटने आए थे. लुटेरों का मकसद मुझे मारना नहीं था और उनके पास कोई ऐसा हथियार भी नहीं था. उन्होंने मुझसे रुपए लुटे और चले गए. उन्होंने कहा कि मुझे चोट इसलिए लगी क्योंकि मैंने घटना का विरोध किया और छीनाछपटी में सिर में चोट लग गई. गुत्थमगुत्था हुई. इमें राजनीति करने वाली कोई बात नहीं है. इसमें ऐसी सूरत नज़र नहीं आती है. दो लड़के थे जो पैसे की डिमांड कर रहे थे. उन्हें पैसे मिले और चलते बन्दे. पुलिस ने अच्छा सहयोग किया. बता दें कि इस घटना के बाद कुछ लोग राजनीति करने लगे और उन्होंने इस घटना को गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश की, इस पर संत ने जवाब दिया. Also Read - Punjab में COVID19 की नई गाइडलाइंस, निगेटिव रिपोर्ट या वैक्‍सीनेशन सर्टिफिकेशन के बिना एयर, रेल और रोड से एंट्री नहीं

संत पुष्पिंदर महाराज के साथ हुई इस वारदात को लेकर होशियारपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. होशियारपुर के थाना प्रभारी गोविन्द कुमार ने कहा कि लुटेरों ने मकसद खून खराबा करना नहीं था. घटना की प्राथमिक जांच से ज़ाहिर होता है कि लुटेरों का मकसद कुछ और था. संत भी यही कह रहे हैं. फिलहाल घटना की और जांच की रही है. घायल हुए संत का मेडिकल कराया गया है.