मुंबई : कर्नाटक के नाटक का अंत येदुयेरप्पा के इस्तीफे के बाद हो गया. बहुमत सिद्ध करने से पहले ही येदियुरप्पा ने हार स्वीकारते हुए इस्तीफ़ा दे दिया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत साबित करने के लिए शनिवार तक का समय दिया था, लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले ही 55 घंटे के कर्नाटक सीएम येदियुरप्पा ने इस्तीफ़ा दे दिया. बीजेपी नेता के इस्तीफे के बाद शिवसेना ने ख़ुशी जताई है. शिव सेना ने कहा कि कर्नाटक में राज्यपाल वजुभाई वाला का बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए दिए गए 15 दिन के समय को घटाने का उच्चतम न्यायालय का फैसला यह साफ़ दर्शाता है कि कर्नाटक राज्यपाल ने भाजपा की मदद की और वह गलत थे. शिवसेना ने कहा कि कर्नाटक में सत्ता के लिए संघर्ष उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जिसने राज्यपाल के फैसले को रद्द कर दिया. शिवसेना पार्टी ने कहा कि शीर्ष न्यायालय ने कर्नाटक में भाजपा को झटका दिया. इसने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में नैतिकता, एक पार्टी के प्रति वफादारी, विश्वास अतीत की बातें हो गई हैं. पिछले कुछ बरसों में राजनीति का स्तर बेहद गिर गया है. Also Read - कल UNGA को संबोधित करेंगे पीएम मोदी, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर होगा फोकस

ममता ने कहा लोकतंत्र की जीत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी ख़ुशी जताते हुए, कर्नाटक की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में लोकतंत्र की जीत हुई है. कर्नाटक को बधाई. देवेगौड़ा जी, कुमारस्वामी जी, कांग्रेस और अन्य सभी को बधाई. उन्होंने कहा यह क्षेत्रीय मोर्चे की जीत है. Also Read - कंगना रनौत के बंगला मामले में HC ने BMC से पूछे कई सवाल, सोमवार को होगी जिरह

कांग्रेस, जेडीएस और बसपा में खुशी की लहर है. कांग्रेस ने भी इसे लोकतंत्र की जीत बताया. अनुमान है कि रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं जेडीएस नेता कुमारस्वामी, जेडीएस का कहना है कि वो अब राज्यपाल के आधिकारिक न्योते का इंतजार कर रहे हैं.