दिल्ली: राजधानी की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेट्रो की रफ़्तार शनिवार 30 जून से थम सकती है, क्योंकि दिल्ली मेट्रो के तकरीबन नौ हजार नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने अपनी मांगे पूरी न होने के चलते हड़ताल पर जाने की धमकी दी है. हालांकि डीएमआरसी मैनजमेंट और नॉन एग्जिक्यूटिव स्टाफ के बीच बातचीत जारी है. गुरूवार को इस सम्बन्ध में मैनेजमेंट स्टाफ और नॉन एग्जिक्यूटिव स्टाफ के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हो सकती है. मैनेजमेंट इस समस्या का हल निकालने का पूरा प्रयास कर रहा है. Also Read - Sarkari Naukri: सीएम अशोक गहलोत का अधिकारियों को आदेश, कहा- समयबद्ध तरीके से आयोजित हो भर्ती परीक्षा

10 सूत्रीय मांगों को लेकर हडताल का ऐलान
वहीँ अपनी मांगे न पूरी होने की स्थिति में दिल्ली मेट्रो के नौ हजार नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने 29 जून यानि शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और 30 जून से अनिश्चितकालीन सेवा हड़ताल पर जाने की बात कही है. मेट्रो के नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि समेत मैनेजमेंट के सामने 10 सूत्रीय मांगे रखी हैं और उनके पूरा न होने तक अनिश्चितकालीन सेवा हड़ताल जारी रखने की धमकी दी है. नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारियों में ट्रेन ऑपरेटर्स, टेक्निशियन, ऑपरेशन स्टाफ, स्टेशन कंट्रोलर, मेन्टनेंस स्टाफ आदि कर्मचारी शामिल हैं. Also Read - फीस न भरने पर प्राइवेट स्कूल ने काटा इस राज्य के शिक्षा मंत्री की नातिन का नाम, जानें पूरा मामला...

लाखों लोग होंगे प्रभावित
गत वर्ष भी मेट्रो के नॉन-एग्जिक्यूटिव स्टाफ ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी, लेकिन उस समय डीएमआरसी मैनेजमेंट और स्टाफ कमेटी के मध्य बीच समझौता हो गया था. जिसके चलते हड़ताल टल गई थी. लेकिन अब मेट्रो कर्मचारियों का कहना मैनेजमेंट ने अपना वादा एक साल बाद भी पूरा नहीं किया. कर्मचारियों ने वेतनमान वृद्धि, काम की सीमा, कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, कर्मचारियों को निकालने के लिए स्पष्ट नियमों इत्यादि की मांग की है. मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. ऐसे में मेट्रो के संचालन पर इनकी हड़ताल का असर दिखना तय है. मेट्रो कर्मचारियों की हड़ताल से मेट्रो से हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है. Also Read - दिव्यांग शख्स को पीटने वाला पलिस कांस्टेबल निलंबित, वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई

पिछले 10 वर्षों से नहीं हुई वेतन में बढ़ोत्तरी: नॉन-एग्जिक्यूटिव स्टाफ
डीएमआरसी के नॉन-एग्जिक्यूटिव स्टाफ के मुताबिक पिछले दस वर्षों से एक ही वेतन पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले अच्छा काम करने पर हर पांच साल में प्रमोशन दिया जाता था. दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 19 जून से ही हाथ पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि मैंनेजमेंट उनकी मांगों को लेकर उदासीन है इसलिए उन्होंने शुक्रवार से कार्यस्थल पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का त्याग करने और अपनी ड्यूटी के दौरान भूख हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया. नॉन-एग्जिक्यूटिव कर्मचारी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं. ड्यूटी के दौरान आराम करने के लिए मिलने वाले समय में कर्मचारी प्लेटफॉर्म पर बैठकर अपना विरोध जता रहे हैं. अगर मैनेजमेंट ने समय रहते इस समस्या का हल नहीं निकाला तो  थम जाएगी दिल्ली की लाइफ लाइन.