नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में भूचाल ही स्थिति पैदा करने वाला संकट चार वरिष्ठ न्यायाधीशों के न्यायालय का सामान्य कामकाज संभालने के साथ ही खत्म हो गया प्रतीत हो रहा है. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ असंतोष की आवाज बुलंद करने के वाले इन न्ययाधीशों ने सामान्य ढंग से न्यायालय का कामकाज निबटाया. Also Read - मध्य प्रदेशः युवती का गंभीर आरोप- '10 दिनों तक लॉकअप में रखकर 5 पुलिसकर्मी करते रहे रेप', जांच शुरू

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बार काउन्सिल आफ इंडिया ने कहा, कहानी खत्म हो गयी है. उधर, अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने कहा कि सारा मसला सुलझ गया है और उन्होंने कहा, राई का पहाड़ बना दिया गया था. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ 12 जनवरी को न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने अप्रत्याशित रूप से प्रेस कांफ्रेंस करके सार्वजनिक रूप से आरोप लगाये थे. Also Read - HC ने छेड़छाड़ के आरोपी को युवती से राखी बंधवाने की शर्त पर दी थी बेल, SC ने जारी किया नोटिस

इन न्यायाधीशों ने लोकतंत्र के खतरे में होने के प्रति आगाह करते हुये मुकदमों को चुनकर आबंटित करने और न्यायमूर्ति मिश्रा के चुनिन्दा न्यायिक आदेशों पर सवाल उठाते हुये न्यायालिका और राजनीतितक हलके में सनसनी पैदा कर दी थी. बार काउन्सिल आफ इंडिया ने कहा कि उसके सदस्यों ने कल उच्चतम न्यायालय के 15 न्यायाधीशों से मुलाकात की थी जिन्होंने मसला सुलझ जाने का आश्वासन दिया था.