नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अलगाववादी और हुर्रियत नेताओं पर नकेल कसना शुरू कर दिया है. एनआईए ने इनको पूछताछ के लिए एक बार फिर से दिल्ली बुलाया है. जिन अलगाववादी और हुर्रियत नेताओं को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है, उनमें अल्ताफ फंटूश, बिट्टा कराटे, गाजी जावेद बाबा, नईम खान, मेहराजुद्दीन और अयाज अकबर के नाम बताए जा रहे हैं. इनसे पहले भी दिल्ली स्थित एनआईए हेडक्वार्टर में अलगाववादी नेताओं से पूछताछ की जा चुकी है.

वहीं, इससे पहले जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की तहरीक-ए-हुर्रियत (गिलानी) पार्टी के तीन नेताओं को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने हिरासत में लिया. श्रीनगर में हुई इस कार्रवाई में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें गिलानी के पीआरओ अयाज अकबर, दामाद अल्ताफ फंटूश और मेहराजदिन कलवल हैं.

एनआई ने इसी महीने इन तीनों अलगाववादी नेताओं के घर छापा मारा था. तहरीक-ए-हुर्रियत ने नेताओं के हिरासत में होने की पुष्टि की है, हालांकि गिलानी के करीबियों की गिरफ्तारी की वजह को साफ नहीं किया है. एनआईए टीम ने इन तीनों अलगाववादी नेताओं के घर पर छापेमारी की थी.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बिगड़ते हालातों के पीछे ज्यादातर अलगाववादी नेताओं का ही हाथ रहता है. वह आए दिन घाटी में रह रहे लोगों को भड़काने का काम करते हैं जिससे सेना को अपने ही लोगों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अलगाववादी नेताओं को लगातार पाकिस्तान से मदद मिलती रहती है जिसके कारण वह घाटी में हालात बिगाड़ने में लगे रहते हैं.

एक निजी टीवी चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन कर कश्मीर में पत्थरबाजी और अशांति के लिए पाकिस्तानी फंडिंग का खुलासा किया था. इसमें पहली बार कैमरे पर अलगाववादी नेता पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में माहौल खराब करने की बात कबूलते दिखे थे. इसके बाद केंद्र सरकार ने एनआईए को इसकी जांच सौंप दी.