संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने केरल में भीषण बाढ़ के बाद हुई भारी तबाही को लेकर दुख जताया है. केरल पिछले 100 वर्षों में आई सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है. राज्य में करीब 80 बांधों में पानी का स्तर क्षमता से अधिक होने के बाद उनसे भी पानी छोड़ना पड़ रहा है जिसकी वजह से स्थिति और भी ख़राब हो गई है.

इस बाढ़ के चलते अब तक 385 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. 3.14 लाख से अधिक बेघर हो चुके लोगों को सहायता शिविरों में ले जाया गया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे मानवीय सहयोगियों के साथ-साथ भारत में हमारा दल हाल ही में आई बाढ़ पर निकटता से नजर बनाए हुए है. संयुक्त राष्ट्र निश्चित तौर पर भारत में बाढ़ के कारण हुए जान-माल के नुकसान और विस्थापन को लेकर दुखी है.’’

केरल के सीएम ने लोगों से की मदद की अपील
वहीँ संयुक्त राष्ट्र ने केरल के मुख्यमंत्री की ट्विटर के जरिए लोगों से की गई मदद की अपील को भी रीट्वीट किया है. सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है, केरल को पिछले 100 वर्षों में सबसे भीषण बाढ़ और तबाही का सामना करना पड़ रहा है.जलस्तर बढ़ने के चलते 80 बांध से पानी छोड़ना पड़ा, बड़ी संख्या में जान माल का नुकसान हुआ है लाखों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, आपकी मदद प्रभावित लोगों के जीवन का पुनर्निर्माण कर सकती है. 

संयुक्त राष्ट्र के भारत के केरल में आई बाढ़ के लिए मदद मुहैया कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में भारत सरकार की ओर से सहायता के लिए कोई प्रत्यक्ष अनुरोध नहीं किया गया है. दुजारिक ने कहा कि जैसा आप जानते हैं, भारत के पास प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर प्रणाली मौजूद है. हम स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है.