नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने यहां केरल विश्वविद्यालय के मत्स्य पालन व महासागर अध्ययन (कूफोस) विभाग को 44 करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। साल 2011 में अस्तित्व में आने के बाद कूफोस को यह अब तक का सबसे बड़ा सहयोग है। इससे पहले केरल सरकार ने 20 करोड़ रुपये का सहयोग दिया था।यहाँ भी पढ़े:भारत-पाकिस्तान के बीच होनेवाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता टलीAlso Read - NABARD Admit Card 2021 Released: जारी हुआ NABARD 2021 का एडमिट कार्ड, ये रहा डाउनलोड करने का Direct Link

Also Read - मछली पकड़ने वालों को मिलेगा 25 लाख रुपए का अनुदान, नाबार्ड ने बनाई योजना

नाबार्ड द्वारा दिए गए वित्तीय सहयोग का इस्तेमाल यहां एक अकादमी परिसर, महासागर अध्ययन परिसर तथा पुथुवेपु के निकट ग्रे मुलेट (थिरुथा) मछली के लिए एक हैचरी की स्थापना में किया जाएगा। Also Read - NABARD: नाबार्ड ने ओडिशा में 35 पुलों के निर्माण के लिए 356 करोड़ रुपये मंजूर किए

विश्वविद्यालय के कुलपति बी. मधुसूदन कुरुप ने कहा, “नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सहयोग के लिए कूफोस एक अकादमी परिसर की स्थापना कर रहा है।”कूफोस 34 स्नातकोत्तर व एक स्नातक पाठ्यक्रम का संचालन करता है। अगले अकादमी साल में 10 और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करनेवाला है।