कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में 25 नवंबर को तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव 2019 में हुए लोकसभा चुनावों की यादों को मिटाने के लिए हिंसा से मुक्त होने चाहिए. लोकसभा चुनावों ने राज्य की ‘‘एक अलग तरह’’ की छाप छोड़ी थी. Also Read - West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा का जायजा ले रही MHA की टीम राजभवन पहुंची

आगामी उपचुनावों के बारे में पूछे जाने पर धनखड़ ने यहां पत्रकारों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उपचुनाव मील का पत्थर साबित होंगे और दुनिया को यह दिखाएंगे कि ‘‘सबसे शांतिपूर्ण चुनाव पश्चिम बंगाल में होते हैं.’’ हाल ही में राज्य सरकार के साथ बयानबाजी में उलझे राज्यपाल ने कहा, ‘‘उपचुनाव हिंसा से मुक्त होने चाहिए. पिछले लोकसभा चुनावों ने एक अलग तरह की छाप छोड़ी थी. हमें उसे मिटाने की जरूरत है.’’ Also Read - West Bengal CM Mamta Banerjee: तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेते हीं गरजीं ममता बनर्जी- हिंसा बर्दाश्त नहीं

धनखड़ यहां सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद करते हैं कि उपचुनाव मुक्त और स्वतंत्र हो…और प्रत्येक मतदाता को वोट देने का अधिकार मिले.’’ राज्य में पश्चिम मिदनापुर जिले की खड़गपुर सदर सीट, नदिया में करीमपुर और उत्तर दिनाजपुर में कालियागंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं. ये सीटें क्रमश: भाजपा, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के पास हैं. Also Read - WB Budget Session 2021: ममता सरकार-राज्यपाल में फिर टकराव, बिना अभिभाषण के ही पेश होगा राज्य का बजट