नई दिल्ली: दिसंबर 2021 तक, रेलवे नेटवर्क के माध्यम से कश्मीर को शेष भारत से जोड़ दिया जाएगा क्योंकि सरकार ने बहुप्रतीक्षित और सबसे जटिल रेल परियोजनाओं में से एक की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है. कोंकण रेलवे के चेयरमैन संजय गुप्ता ने कहा कि “यह रेलवे के 150 साल लंबे इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण काम है. दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को रेल लाइन के माध्यम से कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने का काम दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा.”

आपको बता दें कि चेनाब नदी के पार एक विशेष पुल बनाया जा रहा है, जो बिस्तर (बेड लेवल) से 359 मीटर की ऊंचाई पर है. (कुतुब मीनार की ऊंचाई 72 मीटर है और एफिल टॉवर की 324 मीटर है).  इसका डिजाईन ऐसा किया गया है जिससे ये 260 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का सामना कर सके.

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1.315 किलोमीटर लंबा ये ‘इंजीनियरिंग मार्वल’ बक्कल (कटरा) और कौरी (श्रीनगर) को जोड़ेगा.यह उधमपुर – श्रीनगर – बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का एक हिस्सा होगा.कटरा – धरम की इस परियोजना का एक हिस्सा कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन को सौंपा गया है.  इसमें सुरंगों में मार्ग का 46.1 किमी (86%), पुलों पर मार्ग का 5 किमी (9%) और कटिंग-तटबंधों में मार्ग का 5% शामिल है. कोंकण रेलवे ने 152 किमी सड़कें बनाई थीं जिसमें रोड टनल और पूल शामिल हैं.