नई दिल्ली. महाराष्ट्र के सोलापुर से विधायक प्रणिति शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गलत शब्दों का प्रयोग किया है. न्यूज एजेंसी एएनआई में आए ट्वीट के मुताबिक, शिंदे ने पीएम को डेंगू मच्छर बोला है. बता दें कि रविवार को ही कांग्रेस नेता शशि थरूर ने प्रधानमंत्री को शिवलिंग पर बैठा बिच्छू बताया था.Also Read - क्या अब खत्म हो जाएगा आंदोलन? सरकार का नया प्रस्ताव किसानों को मंजूर! आज SKM की बैठक में फैसला संभव

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रणिति ने कहा, महारे देश में एक नया डेंगू मच्छर आया है. उसका नाम मोदी बाबा है. उसकी वजह से सबको बीमारी हो रही है. इसको झूठ बोलने की बीमारी है. भाइयों मैं महंगाई कम करूंगा, आपके खाते में 15 लाख रुपये जमा करूंगा. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पणिति ने यह बयान इस महीने की 24 तारीख को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था. Also Read - क्या आज हो जाएगा आंदोलन खत्म करने का ऐलान? किसान संगठनों की अहम बैठक में होगा फैसला; जानें अपडेट्स

बता दें कि इससे पहले रविवार को अपनी किताब के उद्घाटन पर थरूर ने नरेंद्र मोदी को शिवलिंग पर बैठा बिच्छू बताया था. बता दें कि एएनआई द्वारा जारी एक वीडियो में बेंगलुरू साहित्य समारोह में दर्शकों को संबोधित करते हुए थरूर ने बताया कि संघ के सदस्य ने एक पत्रकार से नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा था- मोदी आरएसएस के लिए शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे न हाथ से हटाया जा सकता है और न ही चप्पल से मारा जा सकता है. अगर हाथ से हटाया तो बुरी तरह से काट लेगा. Also Read - Kisan Andolan: आंदोलन खत्म करने का जल्द हो सकता है ऐलान? संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा

किताब के बारे में बात कर रहे थे
इस कार्यक्रम में थरूर अपनी किताब ‘द पेराडॉक्सियल प्राइम मिनिस्टर’ के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, मोदी का मौजूदा व्यक्तित्व उनके समकक्षों के लिए निराशा का विषय बन गया है. मोदित्व, मोदी प्लस हिंदुत्व के चलते वे संघ से भी ऊपर हो चुके हैं.

मोदी सरकार की आलोचना की
मोदी सरकार की आलोचना करते हुए थरूर ने कहा, मौजूदा सरकार में मंत्रालय और अफसरों को भी अपने फैसले पर पीएमओ से सहमति का इंतजार करना पड़ा है. यह इसी का नतीजा है कि गृहमंत्री को भी नहीं पता होता कि सीबीआई प्रमुख हटाए जा रहे हैं. विदेश मंत्री को विदेश नीति से जुड़े बदलावों के बारे में जानकारी नहीं होती, रक्षा मंत्री को अंतिम क्षण तक राफेल डील में हुए बदलाव नहीं पता चलते. थरूर अक्सर अपने बयानों की वजह से मीडिया में बने रहते हैं.