नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को हवा की गति में मामूली वृद्धि होने से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आई है लेकिन वायु गुणवत्ता अब भी ‘बेहद गंभीर’ की श्रेणी में बनी हुई है. सुबह चार बज कर 38 मिनट पर दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 438 रहा, वहीं अलीपुर, नरेला और बवाना में एक्यूआई क्रमश: 493, 486 और 472 रहा.

रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 494 रहा. यह छह नवंबर 2016 के बाद से सर्वाधिक है. उस वक्त एक्यूआई 497 था. एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है.

दिल्‍ली में Odd-Even योजना 8 बजे से लागू, नियम तोड़ा तो 4000 रुपए लगेगा जुर्माना

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक्यूआई फरीदाबाद में 426, नोएडा में 452, गाजियाबाद में 474, ग्रेटर नोएडा में 454 और गुड़गांव में 396 रहा. दिल्ली के 37 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 21 में एक्यूआई 490 से 500 के बीच दर्ज किया गया. आया नगर, अशोक विहार, आनंद विहार और अरविंदो मार्ग में शाम सात बजे वायु गुणवत्ता सर्वाधिक खराब दर्ज की गई.

वहीं देश की राजधानी दिल्‍ली में बढ़ते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए सोमवार सुबह 8 बजे से Odd-Even योजना लागू कर दी गई है. आज दिल्ली में सिर्फ ऐसे वाहन ही चल सकेंगे, जिनके नंबर का अंतिम अंक सम संख्‍या यानी इवेन हो. ये नंबर 0, 2,4,6,8, हैं. उल्लंघन करने वालों पर 4,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ जाने के कारण दिल्ली सरकार शुक्रवार को ही पांच नवंबर तक स्कूल बंद रखे जाने का आदेश दे चुकी है. साथ ही हर तरह के निर्माणकार्यों पर भी रोक लगा दी गई है.