नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस साल राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं करेंगे. राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद निर्णय किया था कि राष्ट्रपति भवन जैसी सार्वजनिक इमारत में करदाताओं के खर्चे पर किसी तरह का धार्मिक समारोह या त्योहार नहीं मनाया जाएगा. देश के धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया और यह सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर लागू होता है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हर प्रमुख त्योहार के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हैं. Also Read - Relief Package 2.0: जल्द हो सकती है दूसरे राहत पैकेज की घोषणा, आज पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे बड़ी बैठक

इफ्तार पार्टी के साथ ही राष्ट्रपति भवन में होली, दिवाली और क्रिसमस के समारोह भी नहीं होंगे. इससे पहले राष्ट्रपति भवन में क्रिसमस से पहले कैरल सिंगिंग का कार्यक्रम भी होता था. हालांकि होली, दीवाली के मौके पर राष्ट्रपति भवन में कोई कार्यक्रम नहीं होता. इस तरह से अब यहां इफ्तार पार्टी और कैरल सिंगिंग नहीं होगा.

इफ्तार पार्टी की होड़

बता दें कि हर साल रमजान के दिनों में दिल्ली में इफ्तार पार्टी की होड़ तेज हो जाती है. खासकर दिल्ली में नेताओं के आवास पर ऐसी पार्टी खूब देखी जाती है. राष्ट्रपति भवन में भी इफ्तार पार्टी का आयोजन होता रहा है. लेकिन इस बार राष्ट्रपति भवन ने करदाताओं के खर्चे का हवाला देते हुए ऐसी दावतों से दूर रहने का ऐलान किया है.

इससे पहले दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद ने भी अपने कार्यकाल के दौरान इफ्तार पार्टियों पर रोक लगा दी थी. उनके कार्यकाल में साल 2002 से 2007 के बीच राष्ट्रपति भवन में इफ्तार की कोई दावत नहीं हुई. राष्ट्रपति कलाम इफ्तार पार्टी पर होने वाले खर्च को गरीब-बेसहारा बच्चों की शिक्षा के लिए दान कर देते थे.

बता दें पीएम नरेंद्र मोदी भी इफ्तार पार्टी नहीं देते हैं. यूपीए सरकार के दौरान राजनीतिक गलियारों में इफ्तार पार्टियों का खूब आयोजन हुआ करता था. सोनिया गांधी सहित कई नेताओं-मंत्रियों के घर पर इफ्तार पार्टी दी जाती थी, लेकिन मोदी सरकार में ये सिलसिला खत्म हो गया है.