अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान की सरजमीं से पैदा होने वाले आतंकवाद से मुकाबले की अपनी इच्छाशक्ति को दर्शाने के लिए हवाई हमले का जिक्र किया. असंगठित क्षेत्र के लिए एक पेंशन योजना शुरू करने के बाद मोदी ने कहा कि विपक्ष उन्हें हटाना चाहता है. उन्होंने कहा, ”वे (विपक्ष) मोदी पर हमला करना चाहते हैं, लेकिन मैं आतंक पर हमला करना चाहता हूं.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”वे इस चौकीदार को हटाना चाहते हैं, लेकिन मैं गरीबी के लिए लड़ना चाहता हूं. आपके चौकीदार की ईमानदारी से विपक्ष को परेशानी हो रही है. यही कारण है कि वे कह रहे हैं मोदी हटाओ, जबकि मैं कह रहा हूं कि मैं गरीबी और बेईमानी के खिलाफ लड़ना चाहता हूं. मैं आपके समर्थन के कारण अडिग हूं.”

अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज
बीजेपी के खिलाफ एक महागठबंधन के प्रयासों को आड़े हाथों लेते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां उन्हें हटाने के लिए एक महामिलावट गठबंधन बना रही है. उन्होंने कहा, लेकिन मैं किसानों और कामगारों के हित की सुरक्षा के लिए काम कर रहा हूं. मैं सुरक्षा मुहैया कराने के लिए भी काम कर रहा हूं. ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना’ शुरू करने वाले मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें रात को भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता, उनके लिए गरीबी एक मानसिक अवस्था हो सकती है.

कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया लेकिन…
कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला तेज करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए गरीबी फोटो खिंचवाने का केवल एक अवसर भर होता है. उन्होंने कहा, ”इस योजना का उद्देश्य समाज के उस वर्ग का उत्थान करना है जिसे अनदेखा और भगवान की दया पर छोड़ दिया गया है. उन्होंने (कांग्रेस) गरीबी हटाओ का नारा दिया. कुछ लोगों ने खुद को कामगारों के मसीहा के रूप में पेश किया. लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस तरह की एक योजना शुरू नहीं की.”

55 साल तक शासन किया और गरीब के नाम पर वोट लिया
मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”उन्होंने 55 साल तक देश पर शासन किया और गरीब के नाम पर वोट लिया.” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे सोचते हैं कि गरीबी एक मानसिक अवस्था है. देखिये यह कैसा नेता है जो कहता है कि गरीबी जैसा कुछ नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक अवस्था है.

उनके लिए गरीबी फोटो खिंचवाने का एक अवसर भर
राहुल गांधी के गरीबी को मानसिक अवस्था बताने वाले 2013 के एक बयान का स्पष्ट रूप से हवाला देते हुए मोदी ने कहा, उनके लिए गरीबी फोटो खिंचवाने का केवल एक अवसर भर है. जिन्हें एक रात भी कभी भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता हो, वे सोच सकते हैं कि गरीबी एक मानसिक अवस्था होती है.

उन्होंने 55 साल में ऐसा क्यों नहीं किया?
मोदी ने कहा, इस चायवाले ने 55 महीने में इस तरह की एक योजना लाकर जो किया, उन्होंने 55 साल में ऐसा क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों को कई राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला, लेकिन असंगठित कामगारों के लिए इस तरह की एक पेंशन योजना नहीं लाई गई.

14 लाख से अधिक कामगारों को पंजीकृत किया गया
पीएम ने कहा कि भारत में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पहली बार इस तरह की एक योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत असंगठित कामगारों को 300 रूपये की पेंशन मिलेगी. मोदी ने कहा, ”मुझे बताया गया है कि योजना के तहत 14 लाख से अधिक कामगारों को पंजीकृत किया गया है.”