नई दिल्ली: कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था, रोजगार और कोरोना संकट की स्थिति को लेकर शुक्रवार को लोकसभा में सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब पहले जैसी नहीं रही और यह अब ‘नो-डेटा सरकार’ बन चुकी है. Also Read - महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे ने BJP को दी चुनौती- 'हिम्मत है तो गिराकर दिखाएं मेरी सरकार'

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘वर्ष 2020-21 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच और वर्ष 2016-17 की अतिरिक्त अनुदान की मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए कही. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह भी कहा कि जिस मनरेगा को भाजपा के लोग ‘मरेगा’ कहते थे, आज वही रोजगार का बड़ा सहारा बन गया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: बीच चुनाव नीतीश से 'दूरी' बनाने लगी भाजपा, 10 नवंबर को राज्य में बदलेगा नेतृत्व!

कांग्रेस के नेता चौधरी ने दावा किया कि आप लोग ( बीजेपी सांसद) प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के सहारे यहां तक आ गए, लेकिन अब उनकी लोकप्रियता पहले जैसे नहीं रही. अब उनके पेज पर लाइक से ज्यादा डिस्लाइक मिलना शुरू हो गए हैं. Also Read - Bihar Polls 2020: बिहार में पहले चरण के चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन, कई दिग्गजों की रैलियां- मतदान 28 को...

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ”आप बिना तैयारी के अपने लॉकडाउन कर दिया. नतीजा यह हुआ कि लाखों लोग सड़क पर चलने लगे. लोगों की सड़कों पर मौत हुई. इस बारे में कोई ब्यौरा सरकार ने क्यों नहीं दिया.” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ” आपके पास नौकरियों का कोई डेटा नहीं है. आपके पास किसी चीज का डेटा नहीं होता. यह ‘नो डेटा’ सरकार बन गई है.”

अर्थव्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि मौजूदा वित्त वर्ष में हमारी जीडीपी करीब 24 फीसदी गिर गई.

कांग्रेस ने कहा, ”आप लोग मनरेगा को ‘मरेगा’ कहते थे. लेकिन यह मनरेगा सबको बचाता है. अब आप लोगों को भी यही मनरेगा बचा रहा है. यूपीए सरकार ने जो कानून बनाया था उसके कारण ही आप इसके तहत लोगों को पैसे दे रहे हैं.” चौधरी ने कहा कि कोरोना संकट के समय राज्यों की अनदेखी हो रही है.

चौधरी ने कहा कि आप आत्मनिर्भरता की बात करते हैं. आपने 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज की बात की. लेकिन ज्यादातर रेटिंग एजेंसियों ने क्या कहा, उसे देखना चाहिए. यह एक धोखा था.

चौधरी ने कहा, ”पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का क्या भविष्य है? आप 2024 तक आप पांच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था तक कैसे पहुंचेंगे?” उन्होंने कहा कि आज देश की संपत्तियों और सार्वजनिक इकाइयों को सरकार बेच रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने कहा था कि लोगों के खाते में 7500 रुपए मासिक भेजा जाए, लेकिन सरकार नहीं सुनी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फरवरी महीने में ही कह दिया था कि कोरोना संकट विकराल होने वाला है. लेकिन कुछ नहीं किया गया.

चौधरी ने कहा कि आज देश कोरोना के मामलों के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया. यह चिंता का विषय है.
उन्होंने यह दावा भी किया कि इस सरकार में अविश्वास का माहौल पैदा हो गया है.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि अर्थव्यवस्था में 24 फीसदी की गिरावट आई. ऐसी स्थिति हम चीन से कैसे तुलना करेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि अर्थव्यवस्था के चार प्रमुख मानकों- घरेलू उपभोग, निजी क्षेत्र के निवेश, सरकारी निवेश और निर्यात पर देखें तो यह बहुत खराब स्थिति में है. रॉय ने सवाल किया, ”वित्त मंत्री को बताना चाहिए कि हम इस अंधेरी गुफा से बाहर कैसे निकलेंगे.”